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शर्मसार करने वाला वाकया / लेबर पेन से तड़पती महिला को डेढ़ किलोमीटर चलना पड़ा पैदल, अस्पताल से भगाया, बीच सड़क पर डिलीवरी, नवजात की माैत

मृत नवजात को लेकर अस्पताल के बाहर खड़ीं नवजात की दादी शंकुतला देवी। मृत नवजात को लेकर अस्पताल के बाहर खड़ीं नवजात की दादी शंकुतला देवी।
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मृत नवजात को लेकर अस्पताल के बाहर खड़ीं नवजात की दादी शंकुतला देवी।मृत नवजात को लेकर अस्पताल के बाहर खड़ीं नवजात की दादी शंकुतला देवी।

  • रात ढाई बजे शुरू हुई प्रसव पीड़ा, सुबह साढ़े छह बजे डिलीवरी
  • जमीन पर नवजात के गिरने के कारण हो गई मौत
  • अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की भेंट चढ़ गया मासूम

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 06:07 AM IST

भागलपुर. जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जिसमें अस्पताल कर्मियों की लापरवाही का खामियाजा एक नवजात को उठाना पड़ा और उसकी मौत हो गई। घटना शनिवार सुबह की है। दियारा निवासी कुंतीदेवी को शनिवार रात ढाई बजे प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद वह डेढ़ किलोमीटर पैदल चलकर महादेव सिंह कॉलेज के पास पहुंची, यहां ई-रिक्शे के माध्यम से वह सुबह साढ़े चार बजे तक सदर अस्पताल पहुंची। अस्पताल में तैनात नर्सों ने उसे भरोसा दिलाया कि कुछ ही देर में उसकी डिलीवरी करवा दी जाएगी, लेकिन उसे मायागंज भेज दिया गया। कोई साधन न मिलने के कारण कुंती पैद ही मायागंज के लिए निकल पड़ी और साढ़े छह बजे वहां पहुंच गई, लेकिन रजिस्ट्रेशन काउंटर के पास ही उसकी डिलीवरी हो गई।

जमीन पर गिरने से हुई नवजात की मौत

मृतक नवजात, जो अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की भेंट चढ़ गया।

मायागंज अस्पताल के काउंटर पर ही डिलीवरी होने के कारण नवजात जमीन पर गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद कुंतीदेवी के परिजनों ने किसी तरह स्ट्रेचर का इंतजाम किया और उसे लेकर लेबर रूम पहुंचे, जहां उसका इलाज किया गया। बता दें कि गर्भवती के इलाज के दौरान वहां एक भी डॉक्टर तक मौजूद नहीं था। 

घर पर डिलीवरी की कोशिश

महिला के साथ आई आशा कर्यकर्ता ने बताया कि कुंती देवी के एक बच्चे की पहले भी डिलीवरी के दाैरान माैत हाे चुकी है, उसकी एक बेटी है और यह नवजात तीसरा था, जिसकी डिलीवरी के दाैरान गिरने से माैत हो गई। नर्साें का कहना है कि बच्चे की गर्भ में ही माैत हाे चुकी थी। जानकारी के मुताबिक कुंती देवी का पति काेलकाता में रहता है और लाॅकडाउन से पहले वह घर आ गया था। महिला का इससे पहले एक बार भी जांच नहीं की गई, उसके परिवार के अन्य सदस्य भी जांच नहीं करवाना चाहते थे। शुक्रवार शाम से रात तक घर पर ही उसकी डिलीवरी करवाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता न मिलने पर उसे अस्पताल लाया गया। नवजात की दादी शंकुतला देवी ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही करने  का आरोप लगाया है।

दोषी के खिलाफ कार्रवाई होगी

डाॅक्टर ताे हमारे पास है ही नहीं, तीन लेडी डाॅक्टर हैं, लेकिन रात में काेई नहीं रहता है। डिलीवरी का कार्य नर्साें काे कराना चाहिए था, किसी तरह से लापरवाही हुई है तो पता लगाते हैं, दाेषी के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
- डाॅ. विजय कुमार सिंह, सिविल सर्जन

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