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पंचायत चुनाव:महदीपुर पंचायत में सामाजिक एकता के साथ-साथ विकास को लेकर होती है चर्चा

परबत्ता20 दिन पहले
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पंचायत सरकार भवन, महदीपुर। - Dainik Bhaskar
पंचायत सरकार भवन, महदीपुर।
  • विकसित पंचायत है इसकी पहचान, कृषि, व्यवसाय और नौकरी पेशा वाले लोगों की है भरमार
  • पंचायत चुनाव के प्रयोग की सफल प्रयोगशाला है परबत्ता की महदीपुर पंचायत

परबत्ता प्रखंड का महदीपुर पंचायत कुछ मामलों में अन्य पंचायतों से आगे एवं अलग है। इस पंचायत में प्रखंड का पहला पॉवर सब स्टेशन झंझरा गांव में बनने के बाद से यहां गुणात्मक रुप से विकास हो रहा है। जबकि महिला शिक्षा को बढ़ावा देने में महदीपुर गांव में छात्राओं के लिये खोला गया निजी सुरेंद्र प्रसाद सिंह बालिका उच्च विद्यालय पंचायत के लोगों की दूरदृष्टि को परिलक्षित करता है। महदीपुर में करोड़ों की लागत से बनाया गया चैती दुर्गा मंदिर यहां के समाज की एकता को परिलक्षित करता है। इस मंदिर के बनने के साथ ही इसे जिला का सबसे आकर्षक मंदिर की गिनती में आ गया है। चैती दुर्गा के अवसर पर लगाए जाने वाले पांच दिवसीय मेला में कई जिलों के लोग शिरकत करने यहां आते हैं। कुश्ती दंगल का भी आयोजन होता है।

महाशिवरात्रि में तीन दिवसीय मेले का हाेता है आयोजन
वहीं झंझरा गांव में महाशिवरात्रि के अवसर पर तीन दिवसीय मेला का आयोजन किया जाता है। इस पंचायत में दो गांव महदीपुर तथा झंझरा शामिल है। पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों को प्राप्त करने को लेकर दोनों गांवों के बीच स्वस्थ राजनीतिक प्रतिद्वंदिता रहती है। विगत पंचायत चुनाव 2016 में महदीपुर गांव के ग्रामीणों ने पंचायती राज के विभिन्न पदों के लिए आम सहमति बनाने में सफल रहे हैं।इसके तहत पंचायत समिति से अशर्फी साह के एकल नामांकन की सहमति बनाया और वे निर्विरोध निर्वाचित हुए। वहीं महदीपुर गांव से मुखिया पद पर सुभदा देवी, सरपंच पद पर हेमलता देवी तथा जिला परिषद सदस्य पद के लिये किरण कुमारी के एकल नाम पर सहमति बनी।

कुल जनसंख्या - 16000
कुल मतदाता - 10915
पंचायत समिति सदस्यों की संख्या-02
उच्च विद्यालय - 01
मध्य विद्यालय - 02
प्राथमिक विद्यालय - 02
कुल वार्ड - 18
कुल गांव - 02

राजनीतिक रूप से सजग हैं यहां के लोग
महदीपुर पंचायत में विगत वर्षों में हुए पंचायत चुनावों के परिणाम इस पंचायत के दोनों गावों के बीच चलने वाली राजनीतिक प्रतिद्वंदिता की कहानी बयान करती है। वर्ष 2001 में झंझरा के योगेन्द्र प्रसाद चौरसिया मुखिया पद के लिए निर्वाचित हुए। वहीं 2006 में झंझरा की हेमलता देवी मुखिया चुनी गई। लेकिन वर्ष 2011 में हुए पंचायत चुनाव में महदीपुर की देवरानी देवी मुखिया पद पर निर्वाचित हुई। वहीं वर्ष 2016 में हुए पंचायत चुनाव में सुभदा देवी मुखिया निर्वाचित हुई। कहा जाता है कि महदीपुर के ग्रामीणों ने मतदान से पूर्व ही गांव में बैठक कर के यह निर्णय लिया कि जो उम्मीदवार गांव के मंदिर में चंदा के रुप में सर्वाधिक योगदान करेंगे, वही गांव के अधिकृत उम्मीदवार रहेंगे तथा पूरा गांव उन्हें ही वोट करेगा। इस प्रकार की सहमति ने तीनों महत्वपूर्ण पदों पर महदीपुर के प्रत्याशियों का आसानी से कब्जा हो गया। कुछ महीनों पूर्व कोरोना काल के दौरान मुखिया सुभदा देवी का आकस्मिक निधन हो गया। पंचायत में पंचायत सरकार भवन के अलावा कई सामुदायिक भवन, प्राथमिक उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा पशु चिकित्सालय उपलब्ध है। खेती व पशुपालन के अलावा यहां के दर्जनों किसानों के द्वारा अत्याधुनिक तरीके से नर्सरी का संचालन किया जाता है। यहां के किसान बड़ी मात्रा में सब्जी तथा फलों की खेती भी करते हैं। गंगा पुल निर्माण से संबंधित सड़क निर्माण में यहां के किसानों की भूमि को सरकार के द्वारा अधिग्रहित किये जाने के कारण यहां की अर्थव्यवस्था में इसका सकारात्मक असर देखा जा सकता है।

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