मैराथन गायिकी:विश्व कीर्तिमान बनाने काे बैठे प्रतीक कुमार, 61 घंटे गायन का संकल्प

परबत्ताएक महीने पहले
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श्रीकृष्ण उवि के सभागार में विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए गजल गायन करते प्रतीक कुमार। - Dainik Bhaskar
श्रीकृष्ण उवि के सभागार में विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए गजल गायन करते प्रतीक कुमार।
  • आयोजन में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकारी भी कर रहे शिरकत, परबत्ता के श्रीकृष्ण उवि के सभागार में हो रहा आयोजन

परबत्ता प्रखंड के दरियापुर भेलवा पंचायत के श्रीकृष्ण उच्च विद्यालय नयागांव के सभागार में शुक्रवार को संध्या 4 बजे से मैराथन गजल गायिकी में विश्व कीर्तिमान बनाने को लेकर कार्यक्रम आरंभ हुआ। माधवपुर पंचायत अंतर्गत माधवपुर गांव निवासी गजल गायक प्रतीक कुमार सिंह ने मैराथन गजल गायिकी के क्षेत्र में विश्व कीर्तिमान बनाने का संकल्प को लेकर यह प्रयास आरंभ किया है। इस आयोजन में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अधिकारी शिरकत कर रहे हैं। इसके साथ ही इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स के फरीदाबाद कार्यालय में बैठे उच्च पदाधिकारी इस आयोजन को लाईव देखकर जज करेंगे। फिल्ड अधिकारी तथा मुख्यालय के पदाधिकारी के रिपोर्ट्स का मिलान करने के बाद आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की जाएगी कि यह विश्व कीर्तिमान बन गया है। माधवपुर के किसान कैलाशपति सिंह के 28 वर्षीय पुत्र प्रतीक बचपन से ही संगीत के प्रति झुकाव रहा। प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से संगीत में स्नातक करने के बाद गजल गायन में विश्व कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य को लेकर चल रहे थे। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2019 में अपने गांव में ही यह करनामा करने के लिये लाईव शो आयोजित करने को लेकर काम कर रहे थे।

2018 से चल रही थी विश्व कीर्तिमान बनाने की तैयारी
बांका जिला के मालडीह स्थित संगीत महाविद्यालय से संगीत सीखने के पूर्व से ही वे गजल गायन करते रहे हैं। वे गजलों के अलावा भजन तथा सुगम संगीत भी गाते हैं। बताया कि तीन वर्षों तक मुंबई में संगीत के क्षेत्र में संघर्ष करने के बाद अब वे गांव में रहकर संगीत साधना कर रहे हैं। प्रतीक ने बताया कि गांव व इलाके से लगाव के कारण उन्होंने इस आयोजन के लिए नयागांव को चुना है। इस आयोजन के लिए कई बड़ी कंपनियों ने प्रस्ताव दिया था। लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया तथा श्रीकृष्ण उच्च विद्यालय नयागांव के प्रतिष्ठित सभागार में शुक्रवार को संध्या 4 बजे से इस मैराथन गायन की शुरुआत किया गया। जिसका समापन 8 नवंबर को सुबह 5 बजे होगा। इस दौरान एक अकेले गायक के द्वारा लगातार गायन करते हुए पांच सौ गजलों को गाकर प्रस्तुत किया जाएगा। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के पदाधिकारियों के अनुसार इस गायन के दौरान उन्हें प्रत्येक एक घंटा के गायन के बाद 5 मिनट का ब्रेक मिलेगा। इस दौरान उन्हे वादक कलाकार को बदलने की सुविधा मिलेगी। अगर वे 61 घंटे तक लगातार गजल गायन में सफल रहते हैं तो उन्हें इसके प्रमाण-पत्र के रूप में कंपनी के द्वारा विश्व कीर्तिमान पत्र दिया जाएगा। अगर उन्हें 61 घंटों से पूर्व गायन रोकना या छोड़ना पड़ता है तो यह विश्व कीर्तिमान नहीं बन पाएगा।

फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर हो रहा लाइव टेलीकास्ट
इस आयोजन को प्रतीक कुमार के ऑफिशियल फेसबुक पेज तथा यूट्यूब चैनल पर लाइव टेलीकास्ट भी किया जा रहा है। मौके पर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के धर्मेंद्रनाथ तथा विभा कुमारी आयोजन को जज करने के लिए लगातार मौजूद हैं। आयोजकों का दावा है कि अभी तक भारत में किसी भी गायक ने गजल गायकी के क्षेत्र में लगातार 61 घंटों की गायकी नहीं किया है। अगर यह आयोजन सफल होता है तो यह एक विश्व कीर्तिमान होगा।

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