शक्ति की भक्ति शुरू...:आज होगी मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा

परबत्ता15 दिन पहले
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  • वैष्णवी दुर्गा मंदिर खजरैठा में बनारस से पहुंचे पंडित ने कराई कलश स्थापना
  • श्रद्धा, भक्ति व हर्षपूर्ण कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र प्रारंभ

परबत्ता प्रखंड में गुरूवार को श्रद्धा, भक्ति व हर्षपूर्ण कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र प्रारंभ हो गया। ईलाके के भक्तों ने सार्वजनिक मंदिरों के साथ साथ अपने घरों में भी विधिवत कलश स्थापित किया। इसके साथ ही आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना में लोग जुट गए हैं। दुर्गा सप्तशती के पाठ से माहौल भक्तिमय हो चला है। मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा गुरुवार को श्रद्धा भक्ति के साथ सम्पन्न हुआ। हर घर में मां के जयकारे सुनाई दे रहा है। परबत्ता प्रखंड के विभिन्न मंदिरों में भक्तजनों की भीड़ उमड़ने लगी है। वहीं संध्या के समय मंदिरों में महिलाओं की भीड़ बढ़ने लगी है। संध्या पूजन में मां की आरती तथा भजन कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो चुका है। वहीं मूर्तिकारों ने मां की प्रतिमा को अंतिम रूप देना शुरु कर दिया है। परबत्ता प्रखंड के भरतखंड, खजरैठा, भरसो, बिशौनी, कुल्हडिया, चकप्रयाग, लगार, खनुआ राका, अगुवानी डुमरिया बुजुर्ग, सिराजपुर, अगुवानी, तेमथा राका, नयागांव सतखुट्टी, शिरोमणि टोला नयागांव, मडैया, डुमरिया खुर्द के अलावा अन्य मंदिरों के साथ साथ अपने घरों में भी मां की आराधना में भक्तगण बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं।

ग्रामीणों ने सजाया मां का दुर्गा का मंदिर
विभिन्न मंदिरों को ग्रामीणों के द्वारा सजाया जा रहा है। पंडित बताते हैं कि मां दुर्गा की नौ शक्तियों में से द्वितीय शक्ति देवी ब्रह्मचारिणी है। देवी ब्रह्मचारिणी का स्वरूप पूर्ण ज्योर्तिमय है। तप का आचरण करने वाली मां ब्रह्मचारिणी शांत और निमग्न होकर तप में लीन रहती हैं। इनके मुख पर कठोर तप के कारण अद्भुत तेज और कांति का ओज उत्पन्न होता है। जो तीनों लोकों को उजागर कर रहा होता है। मां के हाथों में अक्षमाला है और कमण्डलु होता है। मां साक्षात ब्रह्म का स्वरूप हैं, अर्थात तपस्या का मूर्तिमान रूप हैं।

गाजे-बाजे के साथ जल भरकर मंदिर पहुंचे श्रद्धालुगण
गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई। कलश स्थापना के समय पुरानी परंपरा के तहत पूर्ण संकल्प के साथ नयागांव गंगा घाट पर स्वर्ण देवी दुर्गा मंदिर के मुख्य पुरोहित डब्लू मिश्र कलश में गंगा जल भरकर मंदिर की ओर प्रस्थान के समय सैकड़ों की संख्या में पंडा के चरणों में जल चढाने को लेकर होड़ मच गई।

दुर्गा सप्तशती के साथ-साथ श्री रामचरितमानस का पाठ किया
वैष्णवी दुर्गा मंदिर खजरैठा में बनारस से पहुंचे पंडित आशीष झा, पंकज कृष्ण शास्त्री, गौरव बाबू, अनुराग मिश्र, कृष्णकांत, अवनीत पांडेय एवं स्थानीय पंडित आचार्य अर्जुन झा, रविन्द्र राय के द्वारा मंदिर में कलश स्थापना किया गया। इस मंदिर में दुर्गा सप्तशती के साथ श्री रामचरितमानस का नवाह पाठ भी किया जा रहा है।

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