आक्रोश:उपेंद्र यादव की हत्या से नाराज लोगों ने थाने के पास शव रखकर 6 घंटे तक किया सड़क जाम

पिपरिया2 महीने पहले
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मंगलवार को सड़क जाम करते आक्रोशित ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
मंगलवार को सड़क जाम करते आक्रोशित ग्रामीण।
  • डीएसपी के समझाने के बाद माने लोग, अधिकारी के आने के तीन घंटे बाद हटाया जाम

दियारा पिपरिया गांव में घोड़ी को खेत से भगाने को लेकर हुई मारपीट की घटना में जख्मी की मौत से गुस्साए लोगों ने मंगलवार को पिपरिया थाना के पास 6 घंटे तक सड़क पर शव को रखकर प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों को आरोप था कि पुलिस घटना के दो दिन बीत जाने के बाद भी मामले को लेकर प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है। मृतक उपेंद्र यादव के परिजनों और ग्रामीणों ने मामले को लेकर थानाध्यक्ष पर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया है। उपेंद्र के भाई का कहना है कि पुलिस मारपीट की घटना की सूचना के बाद भी मौन है। वहीं घटना के आरोपी सुबह-शाम थाना आ-जा रहेे, लेकिन पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। सड़क जाम कर रहे लोग मौके पर एसपी और डीएसपी को बुलाने और तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इधर, इस बाबत पुलिस का कहना है कि उपेंद्र यादव की मौत पटना में इलाज के दौरान हुई। इसलिए वहां पर फर्द बयान के बाद जीरो एफआईआर दर्ज हुआ होगा। उसकी कॉपी आने के बाद ही पिपरिया थाना में केस दर्ज किया जा सकेगा। बताते चलें कि पटना में मौत के बाद 28 सितंबर को उपेंद्र का शव गांव पहुंचा। शव के आने के बाद लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।

फसल चराने को लेकर हुई थी मारपीट, पीएमसीएच में मौत
मृतक के पुत्र सुमिरन यादव, राधेश्याम यादव आदि परिजनों ने बताया कि मृतक उपेन्द्र यादव के खेत में कुर्थी का फसल लगा था। जिसमें गांव के ही एक दबंग व्यक्ति कारू यादव की घोड़ी फसल चर रही थी। उपेन्द्र यादव का पोता गोयल कुमार फसल चर रही घोड़ी को भगाने गया। जिसमें कारू यादव ने बच्चे के साथ मारपीट की। बच्चे के दादा उपेन्द्र यादव ने समझाने गये थे। इसके बाद कारू यादव ने लाठी डंडे और लोहे के रॉड से बुरी तरह से मारपीट कर अधमरा कर दिया था। जिनका पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान सोमवार को उनकी मौत हो गई। मिथक के पुत्र सुमिरन यादव के फर्द बयान पर पीओपी पटना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

हत्यारोपी को गिरफ्तार करने के लिए उग्र हुए
मृतक के परिजन एवं आक्रोशित ग्रामीण एसपी या डीएसपी को घटना स्थल पर पहुंचने की मांग पर अड़े थे। सुबह 10 बजे से ही सड़क जाम कर देने से आम लेगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही थी। लगभग 6 घंटे के बाद दोपहर दो बजे मुख्यालय डीएसपी संजय कुमार पिपरिया थाना पहुंचे और मृतक के परिजनों से भेंट व बातचीत की। डीएसपी ने सड़क जाम कर रहे लोगों से जाम हटाने का आग्रह किया। लेकिन लोग हत्यारे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े रहे। डीएसपी संजय कुमार ने आक्रोशित ग्रामीणों एवं मृतक के परिजनों को काफी समझाने और आश्वासन दकने के बाद करीब तीन घंटे के बाद शव को सड़क पर से हटाकर जाम खत्म किया।

घर पर जाकर केस नहीं करने की दी धमकी
परिजनों ने कहा केस नहीं करने अन्यथा जाने-माने की धमकी दी जा रही है। मृतक के पुत्र को बटोही कुमार और सिंटू यादव ने घर पर जाकर केस नहीं करने को कहा। धमकी के बाद परिवार दहशत में हैं। थानाध्यक्ष राज कुमार साहू ने बताया कि इस घटना के मुख्य आरोपी कारू यादव पर बड़हिया, लखीसराय और पिपरिया थाना में तीन कांडों के आरोपी हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर सोमवार की रात उनके ठिकानों पर छापेमारी की गई है।

तीन लोगों के खिलाफ दर्ज की गई प्राथमिकी
मृतक उपेन्द्र यादव के पुत्र सुमिरन यादव के फर्द बयान पर पीएमसीएच स्थित पीओपी में हत्या का मामला दर्ज कराया है। अपने बयान में दियारा पिपरिया निवासी कारू यादव, उनके दो पुत्र बटोही कुमार यादव एवं सिंटू यादव को आरोपी बनाते हुए नामजद किया गया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस घटना के मुख्य अभियुक्त पर 24 सितमबर को पंचायत चुनाव को लेकर सीसीए लागू कर जिला बदर किया गया है। डीएसपी ने अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तारी का आदेश दिया है।

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