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स्वास्थ्य विभाग का हाल:सवा लाख की आबादी पर मात्र एक धक्कामार एंबुलेंस

पुरैनी11 दिन पहले
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डुमरैल चौक पर एंबुलेंस को धक्का मारकर स्टार्ट कराते युवक। - Dainik Bhaskar
डुमरैल चौक पर एंबुलेंस को धक्का मारकर स्टार्ट कराते युवक।
  • पुरैनी पीएचसी पर 50 गांव के लोग हैं निर्भर, नहीं मिलती है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

पुरैनी स्वास्थ्य केंद्र की एक मात्र सरकारी एंबुलेंस धक्का लगाने से स्टार्ट होती है। एंबुलेंस की स्थिति भी ऐसी हो गई है कि जब चौक-चौराहे या कहीं पर भी एंबुलेंस बंद हो जाए तो वहां एंबुलेंस के ड्राइवर को आसपास के लोगों को खोजना पड़ता है ताकि धक्का दिलवाकर पुनः गाड़ी को स्टार्ट किया जा सके। पुरैनी प्रखंड क्षेत्र के नौ पंचायतों के लगभग 50 गांव व टोले-मोहल्ले मिलाकर कुल आबादी एक लाख 35 हजार के आसपास है। ऐसे में एक मात्र धक्का मार एंबुलेंस पूरे स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है।

दो एंबुलेंस पड़ी हैं जर्जर अवस्था में
पुरैनी स्वास्थ्य केंद्र परिसर में वर्षों से दो एंबुलेंस जर्जर अवस्था में धूल फांक रही हैं। उक्त दोनों ही एंबुलेंस को ठीक कराना तो दूर पदाधिकारी उस ओर ध्यान देना भी उचित नहीं समझते। पिछले कुछ दिनों में एसएच- 58 के निर्माण के बाद सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है, जिसके बाद आए दिन घायल लोगों को ठेला, मोटर साइकिल व साइकिल के माध्यम से अस्पताल ले जाते हुए देखा गया है। बुधवार को भी अस्पताल परिसर में कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला। जहां एक मरीज को ले जाने के लिए एंबुलेंस को धक्का मारकर स्टार्ट करना पड़ा। वहीं अचानक डुमरैल चौक पर एंबुलेंस बंद होने के बाद ड्राइवर ने स्थानीय युवकों को बुलाकर एंबुलेंस को धक्का दिलवाकर स्टार्ट करवाया। इसको लेकर युवा राजद के प्रदेश सचिव कुंदन सिंह ने कहा कि पुरैनी अस्पताल में शुरुआती समय से ही एंबुलेंस के मामले में स्थिति बहुत ही दयनीय रही है। इसमें जल्द से जल्द सुधार की आवश्यकता है, ताकि प्रखंड क्षेत्र के आम जनों को एंबुलेंस की त्वरित सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सके।

विभाग से किया गया है आग्रह
अस्पताल परिसर में खड़ी दोनों ही एंबुलेंस पूरी तरह से खराब है। इसके अलावा एकमात्र संचालित एंबुलेंस की स्थिति को लेकर हमने पूर्व में भी इसे सुदृढ़ करवाने के लिए विभाग से आग्रह किया है।
अरुण कुमार, स्वास्थ्य प्रबंधक

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