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स्वास्थ्य व्यवस्था:सपरदह पंचायत में दो उपस्वास्थ्य केंद्र, एक कागज पर चल रहा, तो दूसरे में लटका है ताला

पुरैनीएक महीने पहले
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15 हजार की आबादी वाले सपरदह पंचायत में स्वास्थ्य व्यवस्था लचर है। पंचायत में एक उपस्वास्थ्य केंद्र कागज पर संचालित रहा है तो एक उप स्वास्थ्य केंद्र के अर्धनिर्मित भवन में भूसा व अन्य सामान रखा हुआ है। यहां कहने को तो दो-दो उप स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यहां चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी नहीं है और न ही अधिकारी इसकी सुधि ले रहे हैं। पंचायत के कड़ामा गांव में उपस्वास्थ्य केंद्र लगभग 14 वर्ष से केवल कागज पर ही संचालित है।

जबकि तिरासी गांव में पंचायत भवन परिसर में उपस्वास्थ्य केंद्र के नाम पर एक अर्धनिर्मित भवन है। जिसमें लोग भूसा, घास व अन्य सामान रखते हैं। स्वास्थ्य प्रबंधक अरुण कुमार ने बताया कि पंचायत के कड़ामा में जमीन के अभाव में पंचायत सरकार भवन के एक कमरे में उपस्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। तिरासी के उपस्वास्थ्य केंद्र के बारे में बताया कि उक्त गांव में मौजूद पूर्व पंचायत भवन परिसर में उपस्वास्थ्य केंद्र का अर्धनिर्मित भवन होने के कारण अलग से एक कमरे में केंद्र को संचालित किया जा रहा है।

मुखिया कंचन देवी, पूर्व प्रधान शिक्षिका चंद्रा देवी, सुमन आचार्य, गिरीश झा, भगवान मिश्रा, मोहन झा, राजीव रंजन सिंह, विजेंद्र यादव, करुणानंद अचार्य, राकेश रंजन, मोहम्मद रिंकू, फंटूश मंडल, इंदल कुमार, लालू कुमार भारती, मिथुन कुमार, पप्पू यादव, राजेश यादव, जयराम महतो, पिंटू यादव, बबलू यादव व जगदीश ऋषिदेव सहित अन्य ने पंचायत क्षेत्र में जल्द स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।

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