आस्था:संतान की समृद्धि को महिलाओं ने भरा जिउतिया का डाला, पारण आज

पुरैनी2 महीने पहले
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जिउतिया पर्व को लेकर सिंहेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंची महिलाएं। - Dainik Bhaskar
जिउतिया पर्व को लेकर सिंहेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना करने पहुंची महिलाएं।
  • आज शाम 5 बजकर 4 मिनट पर समाप्त होगा पर्व

मिथिलांचल व कोसी इलाके में मनाया जाने वाला पर्व जिउतिया सोमवार को नहाए खाए के साथ शुरू हुआ। मंगलवार को महिलाओं ने अपने संतानों की रक्षा, स्वास्थ्य मनोकामनाएं, सौभाग्य वृद्धि व लंबी उम्र के लिए डाला भरकर ईश्वर से प्रार्थना की। मकदमपुर गांव निवासी पंडित पवन झा ने बताया कि 28 सितंबर को सूर्योदय के साथ ही अपने संतानों की सलामती के लिए किया जाने वाला जिउतिया व्रत शुरू हो गया जो 29 सितंबर की शाम 5 बजकर 4 मिनट पर समाप्त होगा। तत्पश्चात सभी व्रती माताएं पारण कर अन्न जल ग्रहण करेंगे। मंगलवार को जिउतिया पर्व के दूसरे दिन नए वस्त्र पहनकर व शृंगार करके बांस से निर्मित डाला में कई प्रकार के फल, मिठाई, जनेऊ मेहंदी, झिंगा, केला का पत्ता, बांस का पत्ता, पोरई का साग, खल्ली, तेल जियल का पत्ता आदि वस्तुओं को रखकर उसे एक कपड़े से ढंक दिया गया। जिसे अगले दिन व्रती माताओं के संतान के द्वारा पूजा सामग्री पर से कपड़े को हटाकर पूजा को पूर्ण किया जाएगा। इससे पूर्व मंगलवार की अहले सुबह ओटघन भी संपन्न किया गया।

जिउतिया को लेकर सिंहेश्वर मंदिर में पूजा अर्चना को लगी रही महिलाओं की भीड़

सिंहेश्वर | माताओं द्वारा संतान की दीर्घायु की कामना का व्रत जिउतिया मंगलवार की सुबह से 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो गया। महिलाएं अपने संतान के दीर्घायु के लिए यह व्रत करती है। इस कठिन पर्व का समापन बुधवार की शाम को होगा। क्षेत्र में जिउतिया को लेकर बाजारों में पूजन सामग्री से लेकर इस पर्व की खास मिठाई खाजा की बिक्री खूब हुई। प्राय: दुकानों में खरीदारों की भीड़ लगी रही। वहीं क्षेत्र के बाजारों में बांस निर्मित डाला, नारियल, केला एवं विभिन्न फल के साथ अन्य पूजन सामग्री की बिक्री जोड़ों पर रही। जिउतिया पर्व को लेकर क्षेत्र के बाजारों में चहल-पहल देखी गई। इस बाबत उर्मिला देवी, सुनिता देवी, सुमन देवी, शर्मिला देवी, उषा देवी, अर्चना देवी, ममता देवी, बीणा देवी, रंजु देवी ने बताया कि मंगलवार तो निकल गया है। अगर बुधवार को भी इसी तरह ठंडा मौसम रहा तो तकलीफ कम होगी। मालूम हो कि मंगलवार दिन और रात के बाद बुधवार को भी व्रती शाम 5 बजकर 04 मिनट तक बिना अन्न और जल के ही उपवास में रहेगी। पर्व को लेकर शाम में बाबा सिंहेश्वर मंदिर में महिलाओं की भीड़ लगी रही। जो देर शाम तक चलती रही। बाजार में फल और सब्जियों के दाम भी आसमान को छू रहे थे। अनार तो बजार से गायब ही रहा। खीरा 80 रुपए, नोनी का साग 60 रुपए, तोड़ी का साग 60 रुपए, बैंगन 50 रुपए किलो तक बिका।

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