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योजना:पांच एकड़ में बनेगा वृहद आश्रय गृह, एक छत के नीचे संचालित होंगे सभी शेल्टर होम्स

पूर्णिया12 दिन पहले
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पूर्णिया स्थित बाल गृह, जो बाद में वृहद आश्रय गृह में शिफ्ट होगा। - Dainik Bhaskar
पूर्णिया स्थित बाल गृह, जो बाद में वृहद आश्रय गृह में शिफ्ट होगा।
  • मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड से सबक लेकर सरकार ने वृहद आश्रय स्थल ब नाने का लिया निर्णय
  • 12 जिलों में बनेगा वृहद आश्रय स्थल, इनमें पूर्णिया भी शामिल
  • वृहत आश्रय गृह निर्माण के लिए मधुबनी में चिह्नित की गई पांच एकड़ जमीन

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड से सबक लेते हुए सरकार ने जिलों में वृहद आश्रय स्थल बनाने का निर्णय लिया है। जिले में समाज कल्याण विभाग के द्वारा संचालित सभी होम्स अब एक ही छत के नीचे होंगे। जिले में नए सिरे से वृहद आश्रय गृह का निर्माण होगा। सरकार ने पहले चरण में राज्य के 12 जिलों में इसके निर्माण का निर्णय लिया है, जिसमें पूर्णिया भी शामिल है।विभागीय स्तर पर इसकी तैयारी की जा रही है। जिले में वृहद आश्रय गृह के निर्माण के लिए मधुबनी में पांच एकड़ जमीन का भी चयन कर लिया गया है। चयनित जमीन का प्रस्ताव विभाग को भेजा जा रहा है। जिले बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक श्वेतम दीक्षित ने बताया कि इसके लिए मधुबनी क्षेत्र में जमीन का चयन कर लिया गया है। इस साल के अंत या आने वाले साल में इसका निर्माण शुरू होने की संभावना है।

जिले में अभी-अभी अलग हो रहा गृहों का संचालन
जिले में वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के द्वारा बाल गृह, बालिका गृह, पर्यवेक्षण गृह के साथ-साथ दत्तक गृह संस्थान का संचालन किया जा रहा है। अनाथ, भूली-भटकी, मानसिक रूप से विक्षिप्त और अन्य कारणों से परेशान बच्चे, बच्चियों और महिलाओं के लिए सरकार बालिका गृह, बाल गृह और अल्पावास गृह का संचालन करती है। जिले में बालिकाओं के लिए पूर्णिया सिटी में बालिका गृह का संचालन किया जा रहा है। वहां 50 लड़कियों को रखने की क्षमता है लेकिन वहां कोशी और सीमांचल की सात जिलों की बालिकाएं रखी जाती हैं। वहीं पर्यवेक्षण गृह एवं दत्तक गृह संस्थान भी यहां संचालित हो रहे हैं। यहां के दत्तक गृह संस्थान से देश-विदेश के कई दंपत्तियों ने बच्चों को गोद लिया है।लेकिन अब ये सभी शेल्टर होम्स वृहद आश्रय गृह निर्माण के बाद एक ही छत के नीचे संचालित होंगे।

वृहद आश्रय गृह में यह होगी सुविधा
1. एक वृहद आश्रय गृह पांच एकड़ में होगा, जिसका निर्माण सोसाइटी के तर्ज पर होगा और इसे ब्लॉक की तरह बनाया जायेगा।
2. सभी धर्मों की लड़कियां एक ही छत के नीचे पूजा करेंगी।
3. खेलकूद के लिए मैदान और सीसीटीवी कैमरा होगा।
4. 12 फुट से ऊंची बाहरी दीवार और अंदर 15 फुट की दीवार होगी।
5. सुरक्षाकर्मी और खाने के लिए हर ब्लॉक में होगी व्यवस्था।
6. हर ब्लॉक में अलग से लाइब्रेरी, चिकित्सक सुविधा और इमरजेंसी के लिए ओपीडी होगा।

2022 तक मुख्यमंत्री वृहद आश्रय गृह निर्माण पूरा करने का लक्ष्य
प्रथम चरण में 12 जिलों में सरकार ने शेल्टर होम बनाने का निर्णय लिया है, जिनमें पूर्णिया के साथ पटना, सीवान, मुजफ्फरपुर, वैशाली, गोपालगंज, बक्सर, गया, भागलपुर, भोजपुर, शिवहर और पश्चिम चंपारण शामिल हैं। समाज कल्याण विभाग के अनुसार 2022 तक मुख्यमंत्री वृहद आश्रय गृह का निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। उपरोक्त सभी जिलों में भवन निर्माण विभाग के माध्यम से आश्रय गृह का निर्माण कराया जाएगा। इसके निर्माण के बाद सभी गृह बंद हो जायेंगे और सभी बच्चे-बच्चियों को यहीं रखा जायेगा।

सरकार ने वृहद आश्रय गृह निर्माण के लिए किया पूर्णिया का चयन
सरकार ने वृहद आश्रय गृह निर्माण के लिए पूर्णिया का चयन किया है। पांच एकड़ में यह आश्रय गृह का निर्माण किया जाना है। इसके लिए जिले के मधुबनी क्षेत्र में जमीन का चयन कर लिया गया है। सरकार का आदेश मिलते ही वहां निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
दीक्षित श्वेतम, सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई पूर्णिया

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