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सदर अस्पताल में कीचड़ ही कीचड़:पूर्णिया सदर अस्पताल में कीचड़ देखते ही उल्टे पांव लौट जाते हैं लोग; परिसर में जलजमाव के कारण हो रही मरीजों को परेशनी

पूर्णियाएक महीने पहले
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पूर्णिया सदर अस्पताल का हाल। - Dainik Bhaskar
पूर्णिया सदर अस्पताल का हाल।

कोसी सीमांचल के सबसे बड़ा पूर्णिया सदर अस्पताल इन दिनों बदहाली के कागार पर है। अस्पताल परिसर में जल निकासी नहीं होने से पूरे अस्पताल परिसर में जलजमाव के कारण कीचड़ ही कीचड़ है। कीचड़ और जलजमाव के कारण यहां लोगों का पैदल भी चलना मुश्किल है। कीचड़ के कारण छोटे-बड़े वाहन इसमें फंस जाते हैं।

सदर अस्पताल में हर रोज करीब 3 हजार लोग ओपीडी, इमरजेंसी और प्रसव वार्ड में इलाज के लिए आते हैं, लेकिन अस्पताल की कुव्यवस्था को देखकर लोग मेन गेट से अंदर आने के लिए हिम्मत नहीं जुटा पाते। कई लोग तो अस्पताल का हालत देखकर ही बाहर इलाज के लिए चले जाते हैं।

सदर अस्पताल में इन दिनों मेडिकल कॉलेज निर्माण का काम चल रहा है। मेडिकल कॉलेज निर्माण में सैंकड़ों के संख्या में ट्रक, ट्रैक्टर, जेसीबी और अन्य भारी वाहनों का परिचालन होता है, जिससे मेन गेट से लेकर ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, प्रसव वार्ड, सीएस कार्यालय और कोविड-19 जांच और वेक्सीनेशन सेंटर तक सड़क गड्ढे में तब्दील हो गया है। लेकिन, मेडिकल कॉलेज निर्माण कंपनी के द्वारा सड़क का मेंटिनेंस के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। निर्माण कंपनी अस्पताल के अधिकारियों के बात भी सुनने को तैयार नहीं।

सिविल सर्जन डा. एसके वर्मा ने बताया कि अस्पताल मेंटिनेंस की जिम्मेदारी मेडिकल कॉलेज निर्माण कंपनी की है। सड़क निर्माण के लिए कंपनी को कई बार कहा गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

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