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बिहार में JCB से ढोया कोरोना मृतक का शव:पूर्णिया में अस्पताल ने प्लास्टिक में लपेट जेसीबी में डाला, बिना प्रोटोकॉल के दफनाया; शोकॉज नोटिस जारी

पूर्णिया2 महीने पहले
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कोविड रोगी की मौत के बाद शव को प्लास्टिक में लपेट कर जेसीबी मशीन में डाल दिया गया। - Dainik Bhaskar
कोविड रोगी की मौत के बाद शव को प्लास्टिक में लपेट कर जेसीबी मशीन में डाल दिया गया।

पूर्णिया के अमौर स्थित एक कोविड केयर सेंटर में मानवता को शर्मसार करने की घटना हुई है। पॉजिटिव मरीज की मौत के बाद उसके शव को प्लास्टिक में लपेट कर जेसीबी मशीन में डाल दिया गया। जेसीबी की मदद से ही शव दफना दिया। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है।

कोरोना से होने वाली मौत के बाद शवों के अंतिम संस्कार को लेकर सरकार की ओर से गाइडलाइन है। लेकिन, इस गाइडलाइन से बेपरवाह अमौर के कोविड केयर सेंटर, बेलगच्छी में एक कोविड रोगी की मौत के बाद शव को प्लास्टिक में लपेट कर जेसीबी मशीन में डाल दिया। इसे मशीन के आगे की तरफ रखा गया। इसके बाद शव को दो किलोमीटर दूर पलसा पुल के किनारे गड्ढे में डाल दिया गया। इस घटना का फोटो वायरल हो गया।

27 मई को टेस्ट के बाद भर्ती किया गया था
समाजसेवी शाहबुज्जमा उर्फ लड्डू ने बताया कि मृतका का नाम पंचू यादव पिता मंगलु यादव ग्राम बेलगच्छी है। 27 मई को टेस्ट होने के बाद उन्हे अमौर के बेलगच्छी कोविड सेंटर में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रशासन की लचर व्यवस्था के कारण मरीज की 29 मई को सुबह 8:00 बजे मौत हो गई।

मुखिया ने कहा इसका दाह संस्कार हम करा लेंगे- डॉ. ईहतमुल
रेफरल अस्पताल, अमौर के प्रभारी डॉक्टर ईहतमुल हक ने बताया कि मेरे द्वारा एंबुलेंस व सारी सुविधाएं उपलब्ध थी। लेकिन मुखिया रामराज सिंह ने बताया कि इसका दाह संस्कार हम करा लेंगे। मौके पर बीडीओ रघुनंदन आनंद व सीओ अनुज कुमार मौजूद थे। जब मुखिया ने इस तरह की बात की तो हम लोग कोविड सेंटर निरीक्षण के लिए चले गए। इसी बीच मुखिया रामराज ने जेसीबी से इसको दफनाया। बाद में हम लोग को इसकी जानकारी मिली।

पंचायत सचिव से मांगा स्पष्टीकरण- बीडीओ
इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुनंदन आनंद ने बताया कि इस काम के लिए पंचायत सचिव संतोष कुमार चौधरी को लगाया गया था ।लेकिन वह मौके पर पहुंचा ही नहीं इसके लिए पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण की मांग की है। भास्कर ने जब बेलगच्छी पंचायत के मुखिया रामराज से उनका पक्ष लेने के लिए फोन किया तो उनका नंबर बंद था।

सीएस प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को किया शोकॉज
मामले को लेकर सीएस डॉ. एसके वर्मा ने रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि यह मामला संवेदनहीनता और लापरवाही का उदाहरण है। 24 घंटे के अंदर ही इसक जवाब दें।

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