विरोध:मांगों को सही ढंग से रखना चाहिए न कि अनुशासन तोड़कर

पूर्णिया13 दिन पहले
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पूर्णिया विवि में कुलपति से मिलने जाते अभाविप सदस्य। - Dainik Bhaskar
पूर्णिया विवि में कुलपति से मिलने जाते अभाविप सदस्य।
  • पूर्णिया विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने की निंदा

भास्कर न्यूज |पूर्णिया विश्वविद्यालय पूर्णिया के अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर एबीवीपी निंदा करती है। प्रदेश सहमंत्री रवि गुप्ता ने कहा कि तथाकथित छात्र नेता और बाहरी असामाजिक तत्व के द्वारा सिंडिकेट सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। वह कहीं से भी उचित नहीं है। जिस तरह सिंडिकेट के सदस्य छात्र, शिक्षक व कर्मचारियों का मुद्दा इस सदन में उठाते हैं। उसको लेकर अपनी मांगों को सही ढंग से रखना चाहिए ना कि अनुशासन को तोड़कर। अपनी मांगों को बदतमीजी व धक्का-मुक्की पर उतारू होकर नहीं रखना चाहिए। इससे विश्वविद्यालय व छात्रों का व्यक्तित्व दिखता है कि वे लोग अपने आप को कैसे नेतृत्व करते हैं। उसी को देख कर और लोग भी अनुसरण करते हैं। ऐसे में अपनी मांगों को एक सही दिशा निर्देश में रखना भी एक कला है। वहीं विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष भानु प्रताप ने कहा कि जिस तरह पूर्णिया विश्वविद्यालय के प्रांगण में दुर्व्यवहार किया गया, इससे तो यही लगता है की इन लोगों की मंशा कुछ और थी। शोध छात्र निखिल कुमार ने कहा कि की ऐसी ओछी राजनीति करने वाले व बाहरी असामाजिक तत्व को चिन्हित कर विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई करें।

सत्र 2020-23 और 2021-24 के छात्रों अब तक नहीं मिला आई कार्ड: बिस्मिल

पूर्णिया | छात्र-छात्राओं की समस्याओं को लेकर छात्र नेता राजद सह पूर्णिया विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष मोहम्मद बिस्मिल ने अनुमंडलीय डिग्री कालेज बायसी के महाविद्यालय प्रशासन से मिलकर समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करवाया। बिस्मिल ने बताया कि सत्र 2020-23 व नए सत्र 2021-24 के छात्र छात्राओं को अब तक आइडेंटिटी कार्ड उपलब्ध नहीं करवाया गया हैं। बिस्मिल ने कहा कि अनुमंडलीय डिग्री कालेज बायसी में लगभग 20 विषयों की पढ़ाई होती हैं परंतु एक ही शिक्षक के भरोसे महाविद्यालय को बिहार सरकार ने छोड़ दिया हैं। गौरतलब की बात यह की है हजारों के संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकित हैं और हर साल नए छात्रों का नामांकन भी होता है। बगैर पढ़े ही हर साल पहले पार्ट से दूसरे पार्ट में भेज दिया जाता है। यह समस्या शिक्षकों, कर्मचारियों, सफाईकर्मियों के आभाव में उत्पन्न हो रही है। महाविद्यालय ठीक ढंग से काम नहीं कर पा रहा हैं। पूर्णिया विश्वविद्यालय व बिहार सरकार को छात्रों के भविष्य के साथ खेलने की आदत है। मौके पर छात्र राजद के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष बायसी मुंतजिर अंजुम भी मौजूद थे।

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