कलश स्थापना के साथ पूजा शुरू:दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की श्रद्धालु करेंगे पूजा-अर्चना

पूर्णिया12 दिन पहले
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नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में मां की पूजा-अर्चना करती महिलाएं। - Dainik Bhaskar
नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में मां की पूजा-अर्चना करती महिलाएं।

शारदीय नवरात्र शुरू होने के साथ मंदिरों में माता के भक्तों की चहल पहल तेज हो गई। नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं का पहुंचना आरंभ हो गया जो दोपहर तक जारी रही। शाम होते ही पूजा पंडालों के साथ मन्दिरों में श्रद्धालुओं ने आरती कर माता रानी से सुख समृद्धि की कामना की। पिछले साल कोरोना महामारी के चलते मंदिरों के कपाट बंद थे, लेकिन इस बार कुछ बंदिशों के साथ छूट मिलने से माता के भक्तों में उत्साह का माहौल है।नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा कर श्रद्धालुओं ने माता रानी से सुख -समृद्धि की प्रार्थना की।शहर के भट्ठा दुर्गाबाड़ी , बाड़ी हाट दुर्गा मंदिर, रजनी चौक, सिपाही टोला,मधुबनी दुर्गा मंदिर, गोकुल सिंह ठाकुर बाड़ी दुर्गा मंदिर ततमा टोली समेत अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही।मंदिरों समेत सभी पूजा पंडालों में कलश स्थापना कर विधिवत पूजा अर्चना की गई। नवरात्र के पहले दिन दोपहर तक अमूमन सभी मंदिरों व पूजा पंडालों में भक्तों का आना जाना जारी रहा।दिन भर पूजा पंडालों में मां की स्तुति गूंजती रही।वहीं देर शाम मंदिरों के अलावा पूजा पंडालों में भी विशेष आरती का भी आयोजन हुआ। नवरात्रा के दूसरे दिन आज भक्त मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की पूजा अर्चना करेंगे।इनको ज्ञान, तपस्या और वैराग्य की देवी माना जाता है। मां का ये रूप बेहद ही शांत, सौम्य और मोहक है। मां के इस रूप को पूजने से व्यक्ति को तप, त्याग, सदाचार व संयम जैसे गुणों की प्राप्ति होती है जो उसको जीवन में आगे ले जाने में मदद करते हैं।

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