पहल:गोदभराई दिवस में मातृत्व पोषण विषय पर चर्चा

पूर्णिया16 दिन पहले
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आयोजित गोदभराई दिवस के दौरान लाभुक व आईसीडीएस कर्मी। - Dainik Bhaskar
आयोजित गोदभराई दिवस के दौरान लाभुक व आईसीडीएस कर्मी।
  • मातृ वंदना योजना के तहत किया गया जागरूक, नवजात के टीकाकरण को लेकर किया जागरूक

जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों पर सेविकाओं द्वारा क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को पोषण व टीकाकरण सम्बंधित जानकारी देते हुए गोदभराई दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र में उपस्थित महिलाओं को गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य के लिए सन्तुलित खान पान व टीकाकरण की विशेष जानकारी दी गई। डीपीओ आईसीडीएस राखी कुमारी ने बताया कि जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में गोदभराई दिवस का आयोजन कर सेविकाओं द्वारा सभी गर्भवती महिलाओं को उनके खान पान की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें पौष्टिक आहार व उससे होने वाले शिशु के स्वास्थ्य पर होने वाला प्रभाव की भी जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं की आहार में प्रोटीन, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट के साथ वसा की भी मात्रा होना जरुरी होता है। गोदभराई दिवस पर गर्भवती महिलाओं को आहार में विविधिता लाने की सलाह देने के साथ-साथ उन्हें हरी साग-सब्जी, सतरंगी फल, दाल, सूखे मेवे एवं दूध का सेवन विभिन्न पोषक तत्वों की आपूर्ति के लिए जरुरी बताया गया।

गर्भवती महिलाओं व शिशुओं के टीकाकरण पर चर्चा
गोदभराई कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं व शिशु को पड़ने वाले टीकाकरण की महत्ता पर भी चर्चा की गई. पोषण अभियान की जिला समन्यवक निधि प्रिया ने बताया गर्भवती महिला को पहली बार गर्भ धारण करने पर आंगनवाड़ी केंद्र पर टीके लगवाने चाहिए। जन्म के बाद शिशु का सम्पूर्ण टीकाकरण कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि गोदभराई दिवस पर महिलाओं को गर्भावस्था में 4 प्रसव पूर्व जांच करवाने एवं टीकाकरण कार्ड को संभाल कर रखने की सलाह दी गई।

मातृ वन्दना योजना की भी लोगों को दी जानकारी
गर्भवती महिलाओं को शिशु होने तक तीन किस्तों में कुल 5000 रुपये की राशि सरकार द्वारा दी जाती है। पहली किश्त 1000 रुपये दी जाती है जिसके लिए किसी भी सरकारी स्वास्थ्य इकाई में गर्भ धारण करने के 150 दिनों के अंदर पंजीकरण कर जरूरी दस्तावेज देने पड़ते हैं। कम से कम 1 प्रसव पूर्व जांच करवाने पर 180 दिनों बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये एवं शिशु के जन्म के बाद उनके पंजीकरण व प्रथम चरण के टीकाकरण के बाद तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये की राशि दी जाती है।

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