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अनलॉक-4:मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग की आदत दरकिनार न करें

पूर्णियाएक महीने पहले
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रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का कोविड टेस्ट करते स्वास्थ्यकर्मी। - Dainik Bhaskar
रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का कोविड टेस्ट करते स्वास्थ्यकर्मी।
  • एंटीजन से 17650 व आरटीपीसीआर से 1007 जांच में पूर्णिया पूर्व व जलालगढ़ पीएचसी से 1-1 संक्रमित मिले

अनलॉक-4 के तहत राज्य के दुकानों-बाजारों के खुले रहने की संयम सीमा पर से भी पाबंदी हटाने की घोषणा हो चुकी है। अब शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पहले की तरह अब सब कुछ सामान्य होते जा रहा है। सिविल सर्जन डॉ. एसके वर्मा ने कहा संक्रमण से बचाव के लिए जितने भी नियम लागू किया गया था, उसको अभी भी जरूरत के हिसाब पालना करना होगा। सबसे पहले तो हमें कोरोना से बचने की हरसंभव कोशिश करने की आवश्यकता है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से पहले अनिवार्य रूप से मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना एवं इसके साथ ही अपने हाथों को हर आधा घंटा के अंतराल पर रगड़-रगड़ धोते रहना अपनी आदतों में शुमार करना होगा। अनलॉक-4 के तहत छूट मिलने का मतलब यह नहीं हुआ की हम अपनी आदतों को दरकिनार करते हुए पूरी तरह से लापरवाह हो जाएं। बल्कि कोरोना संक्रमण काल के दिनों को याद करते हुए सतर्क रहने की आवश्यकता है। हमें यह भी याद रखना है कि कठिन परिश्रम व काफ़ी मुश्किलों के बाद हमलोग कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सफल हुए हैं। कोरोना संक्रमण काल के दौरान 59 आयुवर्ग से ऊपर के व्यक्तियों को जिन्हें पहले से मधुमेह, किडनी में दिक्कत, लीवर या फेंफड़ों में संक्रमण सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित बुजुर्गों को सबसे ज़्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है। इसलिए इस 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए परिजनों के द्वारा पूरा ध्यान रखना चाहिए। डीपीओ ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन कोविड-19 जांच के लिए एंटीजन किट व आरटी-पीसीआर से जांच करायी जा रही है। मंगलवार को एंटीजन किट से 17650 जांच की गयी जबकि आरटी-पीसीआर से 1007 जांच हुई है। जिसमें मात्र पूर्णिया पूर्व पीएचसी व जलालगढ़ पीएचसी में एक-एक संक्रमित मरीज पाए गए। उनके अनुसार संक्रमण दर में सुधार का सबसे बड़ा कारण टीकाकरण को जाता है। क्योंकि टीकाकरण ही एक मात्र उपाय हैं। जिसके द्वारा शरीर को कोरोना के प्रभाव से बचाया जा सकता है। हालांकि टीकाकरण के बाद भी कोई व्यक्ति संक्रमित हो जाता है तो घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति में सामान्य होम आइसोलेशन या हल्के इलाज से ठीक होने की संभावना काफ़ी ज्यादा बढ़ जाती है ।

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