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टीकाकरण:बाबा रामदेव की टिप्पणी का डॉक्टरों ने किया विरोध कहा-मेडिकल साइंस के कारण औसत उम्र 60 से 70 हुई

पूर्णियाएक महीने पहले
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बाबा रामदेव ने जिस तरह से मेडिकल साइंस व शहीद चिकित्सकों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की है, वह निंदनीय है। ऐसे लोगों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। उक्त बातें शुक्रवार को आईएमए के अध्यक्ष डॉ. मुकेश ने आईएमए हॉल में पीसी आयोजित कर कही। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में चिकित्सकों ने अपनी जान की बाजी लगाकर कोरोना मरीजों की जान बचाई। इसके लिए चिकित्सकों का सम्मान होना चाहिए। ना की उन पर गलत दोषारोपण कर चिकित्सकों का मनोबल तोड़ना चाहिए।

बाबा रामदेव ने मेडिकल साइंस पर जिस तरह की टिप्पणी की है, उससे देश के चिकित्सक दु:खी हैं। ऐसे लोगों को बाबा कहलाने का कोई हक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मेडिकल साइंस के कारण ही लोगों की औसत उम्र 60 वर्ष से बढ़कर 70 वर्ष हो गई है। टीवी, कैंसर आदि लाइलाज बीमारी का इलाज आधुनिक मेडिकल साइंस से हो रही है। उन्होंने कहा कि अगर चिकित्सकों की मांग नहीं मानी गई तो चिकित्सक सांकेतिक हड़ताल के बाद पूर्ण हड़ताल पर जाने को मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर उपस्थित आईएमए के उपाध्यक्ष डॉ. सुधांशु ने कहा कि बाबा रामदेव ने टीकाकरण का विरोध किया।

ऐसे लोगों पर मुकदमा चलना चाहिए। उन्होंने सरकार से चिकित्सकों, चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की मांग की है। चिकित्सकों पर हमला करने वालों को 10 वर्ष की सजा मिलनी चाहिए। सरकार को ऐसा कानून बनाना होगा। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को राष्ट्रीय विरोध दिवस के रूप में मनाया गया। चिकित्सकों ने सरकारी अस्पताल का ओपीडी सुबह 8:30 बजे से दिन के 12:30 बजे तक बंद रखा। बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. चंद्रप्रताप, सचिव डॉ. के नसीम, पूर्व सचिव डॉ. एमएम हक, डॉ. सुजीत मिश्रा, डॉ. अंगद चौधरी आदि उपस्थित थे।

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