प्रवचन:कबीर साहेब के बताए रास्ते पर चलें : रघुनंदन

जानकीनगर2 महीने पहले
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सद्गुरु हंस कबीर मठ सहवानी में प्रवचन देते बाबा। - Dainik Bhaskar
सद्गुरु हंस कबीर मठ सहवानी में प्रवचन देते बाबा।
  • सदगुरु हंस कबीर मठ सहवानी में तीन दिवसीय वार्षिक सद्ज्ञान यज्ञ समारोह का आयोजन

जानकीनगर थाना क्षेत्र के रामनगर फरसाही पंचायत के सहवानी गांव स्थित सदगुरु हंस कबीर मठ सहवानी में 27 वां वार्षिक सत्संग सदज्ञान यज्ञ समारोह हंस कबीर आश्रम सहवानी में मंगलवार को शुरू हुआ। सत्संग में खगड़िया जिला के बन्नी से आए मंडलेश्वर महंत रघुनंदन गोस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर साहेब के बताए रास्ते पर ही चलकर सामाजिक सौहार्द की स्थापना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब की ‘वाणी’ आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि कबीर साहेब ने लोकधर्म को स्थापित किया। उनकी रचना हमारी धरोहर है। वे जीवनभर समाज सुधार और मानव कल्याण में लगे रहे। कबीर का दर्शन सम्पूर्ण जीवन की सच्चाई की व्याख्या करता है। उन्होंने कहा कि संत कबीर के वचन को अगर कोई जीवन में उतार ले तो वह प्राणी मोक्ष को अवश्य ही प्राप्त कर लेगा। कहा कबिर खरा बाजार में लिये लुकाठी हाथ। जो घर फूंके आपना चले हमारे साथ। वहीं भागलपुर जिला के कहलगांव के संत अभय साहेब ने कहा कि संसार मिथ्या है। मुठ्ठी बांधे आए हो और हाथ पसार कर चले जाओगे। इस बीच के समय में आंख पर से पर्दा हटाकर नेक कार्य करो। हंस कबीर आश्रम सहवानी में मंगलवार को शुरू हुए तीन दिवसीय सत्संग में बनारस से आए बाबा आचार्य महंत प्रेमस्वरूप साहेब, खगड़िया जिला के बन्नी से आए मंडलेश्वर महंत रघुनंदन गोस्वामी, पूर्णिया से आए महंत जयस्वरूप साहेब, कहलगांव से आए संत अभय साहेब, महन्त हरिओम शरण गोस्वामी, परम पूज्य वीतराग गुरुदेव महंत भूपनारायण गोस्वामी साहेब, हंस कबीर मठ सहवानी के उत्तराधिकारी संत अमरदीप गोस्वामी सहित अन्य बाबाओं के द्वारा सत्संग में प्रवचन दिया गया। बाबाओं ने प्रवचन के दौरान कहा कि लोगों में निराशा व अंधकार का साम्राज्य कायम हो चुका है। मानव मन के भीतर हाहाकार मचा हुआ है। मानव के अमन-चैन के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं। अगर कोई रास्ता बचा हुआ है तो वह है संत समागम।

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