कार्रवाई:पूर्व प्राचार्य पर एफआईआर दर्ज करने के लिए विवि को लिखी चिट्‌ठी

पूर्णियाएक महीने पहले
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  • पूर्णिया कॉलेज में एक करोड़ 10 लाख के काम का लेखा-जोखा नहीं देने के मामले ने पकड़ा तूल

पूर्णिया कॉलेज के पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य व वर्तमान डीन प्रो. मिथिलेश मिश्र के कार्यकाल में हुए 1.10 करोड़ के काम के लेखा-जोखा के कागजात नहीं रहने के मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। पूर्णिया कॉलेज प्रशासन पूर्व प्रधानाचार्य प्रो. मिथिलेश मिश्र के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के लिए विश्वविद्यालय को चिट्‌ठी लिखी है।
प्रधानाचार्य डॉ. मुहम्मद कमाल ने बताया कि उनका वेतन बंद करने व उनपर संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करने को लेकर चिट्‌ठी लिखी गई है। इसमें कुलपति को बताया गया है कि जब तक आवश्यक और मूल्यवान कागजात कॉलेज को नहीं दे दिया जाता है तब तक प्रो. मिश्र का वेतन स्थगित रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय से अनुमति मांगी है कि क्यों न डीन प्रो. मिथिलेश मिश्र पर एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि अब पानी सिर के ऊपर से बह रहा है। कॉलेज के विभिन्न कामों के कागजात के लिए मैंने कई बार पत्र भेजा पर उन्होंने रिसीव नहीं किया। इसके बाद उनको डाक से भी पत्र भेजा गया। इसके बाद वह पत्र लेकर मेरे कार्यालय पहुंचे और बहुत ही झल्लाहट के साथ बात की। प्रधानाचार्य डॉ. कमाल ने बताया कि मैंने 12 जून 2020 को प्रभार लिया और उसके बाद 4 जुलाई 2020 को पत्र लिखा। उनका मेरे संदर्भ में डेढ़ साल सोने वाला दिया गया बयान हास्यास्पद है। मेरी कोशिश है कि पूर्णिया कॉलेज को ऊंचाई तक ले जाऊं।
7 जुलाई 20 को चिट्‌ठी लिख लेखा व सामान प्रशाखा के मांगे गए 10 कागजात : प्रधानाचार्य ने बताया कि मैंने 7 जुलाई 2020 को पूर्व प्राचार्य प्रो.मिथिलेश मिश्र को चिट्‌ठी लिखकर 10 कागजात मांगे थे। इसमें लेखा प्रशाखा से कॉलेज के नाम से जारी किए गए सभी 11 खाता से संबंधित पास बुक और बैंक स्टेटमेंट,विकास पंजी, क्रय समिति से संबंधित अभिलेख,रोकड़ पंजी,चेक बुक व केंद्राधीक्षक के खाते की मांग की गई है।

21 जुलाई 2018 से 12 जून 2020 के बीच का मामला
वर्तमान डीन और पूर्व प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो.मिथिलेश मिश्र 21 जुलाई 2018 से 12 जून 2020 तक पूर्णिया कॉलेज के प्रभार में रहे हैं। इस दौरान लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपए का विकास कार्य हुआ। इस अवधि में पूर्णिया कॉलेज परिसर में बॉस्केटबॉल 14 लाख,स्मार्ट क्लास 47.50 लाख, ऑडिटोरियम 4 लाख, बाउंड्री वॉल 15 लाख और सेमिनार हॉल 17.50 लाख,पुताई पर 5.85 लाख, बैडमिंटन कोर्ट निर्माण पर 5.05 लाख रुपए खर्च किए गए। इन सारों काम का कोई लेखा-जोखा पूर्णिया कॉलेज में नहीं है।

पूर्व अर्थपाल ने कहा- कॉलेज के किसी भी संचिकाओं व अभिलेखों का संरक्षक अर्थपाल नहीं होता
पूर्णिया कॉलेज के पूर्व अर्थपाल और वर्तमान बायसी डिग्री कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ.नरेंद्र कुमार ने पत्र का जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि कॉलेज के किसी भी संचिकाओं एवं अभिलेखों का संरक्षक अर्थपाल नहीं होता है। फिर भी निवर्तमान अर्थपाल को ऐसा पत्र निर्गत करना न्यायसंगत नहीं है। आपके पत्र की भाषा के लिए हमें खेद है। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर 2018 से विवि के वित्त पदाधिकारी के पद पर प्रतिनियोजित हूं। 30 जुलाई 2019 से मुझे एसडीजीडी कॉलेज बायसी के प्रभारी प्रधानाचार्य के पद पर विवि द्वारा प्रतिनियोजित किया गया है।

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