परेशानी:समय से उर्वरक नहीं मिलने से मक्का किसान परेशान

पूर्णिया2 महीने पहले
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  • डीएपी के बिना किसान बर्बाद होने के कगार पर

पूर्णिया जंक्शन पर 42 बोगी लगभग 2 लाख 30 हजार पैकेट डीएपी उर्वरक आने की खबर से किसानों राहत मिली थी। लेकिन जैसे ही पता चला की यह डीएपी खाद पूर्णिया के किसानों के लिए नहीं है तो किसान फिर से मायूसी छा गई। जिसको लेकर बिहार राज्य खुदरा उर्वरक खाद बीज विक्रेता संघ के प्रदेश अध्यक्ष निरंजन कुशवाहा ने कहा कि पूर्णिया जिले को डीएपी आवंटन न होना यहां के जनप्रतिनिधियों की निरंकुशता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आस-पास के जिले के सांसद, विधायक हो हल्ला कर सरकार पर दबाब बनाया उन्हें डीएपी आवंटित कर दिया गया। वैसे जनप्रतिनिधि धन्यवाद के पात्र हैं जो जनता की समस्या पर संवेदनशील रहते है। वहींं पूर्णिया के जनप्रतिनिधि सिर्फ पत्र लिखना जानते है।उन्हें जनता की परेशानी से कोई लेना देना नहीं।श्री कुशवाहा ने कहा कि डीएपी के बिना किसानों का मक्का और गेहूं बर्बाद होने के कगार पर है।मगर विडंबना यह कि सत्ता पक्ष के सांसद विधायक और सशक्त विपक्ष रहने के बावजूद भी यहां के किसानों का यह हाल है।उन्होंने कहा कि अब भी वक्त है अगर पूर्णिया सहित बिहार के अन्य जिलों को उर्वरक नहीं मिलेगा तो बिहार का कैश क्रॉप मक्का इस बार किसानों के हाथों से निकल जायेगा।

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