पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सुविधा:इग्नू अध्ययन केंद्र पूर्णिया से अब ज्योतिष व उर्दू में करें एमए

पूर्णियाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के एक मात्र अध्ययन केंद्र में जुलाई सत्र 2021 से शुरू होगा यह विषय
  • कार्यक्रम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज कर रहा शुरू

ज्योतिष और उर्दू से एमए करने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। इग्नू अध्ययन केंद्र पूर्णिया में यह कोर्स शुरू हुआ है। इग्नू ने जुलाई 2021 सत्र से दो वर्षीय मास्टर्स ऑफ आर्ट्स ज्योतिष (एमएजेवाई) प्रोग्राम आरंभ किया है। इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.मिर्जा नेहाल ए.बेग के हवाले से इग्नू शिक्षार्थी सहायता केंद्र पूर्णिया के समन्वयक प्रो. गौरीकान्त झा ने बताया कि यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज द्वारा आरंभ किया जा रहा है। प्रोग्राम का माध्यम हिन्दी और संस्कृत होगा। कोर्स से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी इग्नू के आधिकारिक वेबसाइट पर संपर्क कर सकते हैं। तत्काल इस कोर्स को इग्नू क्षेत्रीय केंद्र सहरसा के अन्तर्गत एकमात्र इग्नू अध्ययन केंद्र पूर्णिया(0508) पर आरंभ किया गया है।
अररिया कॉलेज इग्नू अध्ययन केंद्र पर एमए उर्दू : प्रो. गौरी कान्त झा ने बताया कि इसके अतिरिक्त इग्नू ने उर्दू में भी पीजी कोर्स आरंभ किया है। दो वर्षीय कोर्स को मास्टर्स ऑफ आर्ट्स उर्दू (एमयूडी) कहा जायेगा। इस कोर्स को भी स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज द्वारा आरंभ किया जा रहा है। इस कोर्स में प्रवेश के इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार इग्नू के आधिकारिक वेबसाइट ignou.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। टीपी कॉलेज मधेपुरा (86008) और अररिया कॉलेज अररिया (86009) अध्ययन केन्द्र पर शुरू होगा। इस कार्यक्रम को इग्नू अध्ययन केंद्र पूर्णिया पर भी आरंभ किया जायेगा। दो वर्षीय इस पाठ्यक्रम में छात्र प्रथम वर्ष में उर्दू भाषा व साहित्य, उर्दू गजल, उर्दू फिक्शन, उर्दू नॉन फिक्शन एवं द्वितीय वर्ष में उर्दू नज्म, क्लासिकल उर्दू कविता, क्रिटिसिज्म एंड रिसर्च, मीर तकी मीर एवं मिर्जा गालिब का विशेष अध्ययन कर सकेंगे। इसे उर्दू में पढ़ाया जायेगा। यह छात्रों के लिए उर्दू साहित्य एवं अरबी, फारसी, अंग्रेजी, हिन्दी एवं अन्यान्य साहित्य की अच्छी समझ विकसित करने में सहायक सिद्ध होगा।

पहले साल 6300 रुपये का करना होगा भुगतान
प्रोग्राम के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को पहले साल 6300 रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं 200 रुपये रजिस्ट्रेशन के लिए देने होंगे। वहीं दूसरे वर्ष में भी 6300 रुपये शुल्क अदा करना होगा। वहीं उम्मीदवार ध्यान दें कि जो आवेदक इस कोर्स के लिए ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, उन्हें किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री अथवा उच्चतर उपाधि होनी चाहिए। दो वर्षीय इस पाठ्यक्रम में छात्र प्रथम वर्ष में भारतीय ज्योतिष का परिचय एवं ऐतिहासिकता, सिद्धांत ज्योतिष एवं काल , पंचांग एवं मुहूर्त, कुंडली निर्माण एवं द्वितीय वर्ष में फल विचार, गणित, ग्रहण वेध एवं यंत्रादि विचार, संहिता ज्योतिष, ज्योतिर्विज्ञान का अध्ययन कर सकेंगे।

खबरें और भी हैं...