योजना / गर्भवती को एंबुलेंस नहीं मिला तो उपलब्ध होगा निजी वाहन

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  • प्रसव के आखिरी दिनों में गर्भवती को अन्य विशेष सुविधा भी दी जाएगी , मिलेगा वाहन का भाड़ा

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:16 AM IST

पूर्णिया. कोरोना संकटकाल के बीच मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित एवं सुदृढ़ करने के मकसद से राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी डीएम व सिविल सर्जन को पत्र लिखकर आवश्यक उनसे अगले तीन माह के दौरान अपेक्षित प्रसव की जानकारी दी गई है।

साथ ही आरसीएच पंजी में भी गर्भवती के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई है। ऐसे में उनके लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग को करनी है। आशा एवं आंगनबाड़ी सेविका की मदद से सभी गर्भवती जिनका प्रसव का समय अगले तीन माह में अपेक्षित है उनका मोबाइल नंबर एवं पता की जानकारी गृह भ्रमण कर एकत्रित कराया जाए तथा इससे स्वास्थ्य संस्थान स्तर पर संकलित किया जाएगा। दूरभाष के माध्यम से सभी गर्भवती के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी नियमित रूप से प्राप्त की जा सके।

 यदि किसी गर्भवती को कोविड 19 संक्रमण के लक्षण हो, ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर लक्षण दिखते हो या कोविड पॉजिटिव के साथ कंटेनमेंट हिस्ट्री हो एवं स्क्रीनिंग के दौरान इनकी जांच नहीं हो पाई है। तो प्रसव के दौरान सभी संलग्न स्वास्थ्य कर्मी भारत सरकार द्वारा बताए गए इंफेक्शन प्रिवेंशन एंड कंट्रोल गाइडलाइन में निहित प्रावधान का अनुसरण करेंगे।

उक्त गर्भवती के प्रसव के लिए अस्पताल के अलग कमरे को चिह्नित कर एक लेबर टेबल और एक बेड तैयार रखा जाएगा। गर्भवती के प्रसव कार्य में कम से कम चिकित्सा कर्मियों का उपयोग किया जाएगा और जब तक उक्त मरीज का कोविड जांच निगेटिव नहीं आ जाए तब तक संक्रमण से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रसव कक्ष का उपयोग अन्य चिकित्सीय कार्य में नहीं किया जाएगा।

चिकित्सा कर्मी भी मरीज के निगेटिव रिजल्ट आने तक क्वारेंटाइन में रहेंगे। प्रसव के बाद संस्थान में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से प्रसव गृह, ऑपरेशन थियेटर एवं वार्ड को अच्छी तरह सैनिटाइज कराना सुनिश्चित करेंगे। 

सिविल सर्जन डॉ. मधुसूदन प्रसाद ने बताया कि एंबुलेंस व स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध वाहन गर्भवती को उपलब्ध नहीं कराए जाने की स्थिति में पूर्व में ही प्राइवेट वाहन को टैग कराया जाएगा। गर्भवती को जननी बाल सुरक्षा योजना की राशि के साथ परिवहन के लिए 500 रुपए का भुगतान किया जाएगा। लॉकडाउन के दौरान गर्भवती को प्रसव पूर्व जांच व संस्थागत प्रसव के लिए अस्पताल जाने के समय में आवागमन में परेशानी न हो इसके लिए अस्पताल भ्रमण के दौरान एमसीपी कार्ड रखने का निर्देश दिया गया है।

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