22 साल की उम्र में 3 हत्याएं करनेवाले की कहानी:चाचा की तरह दबंग बनना चाहता था अटिया, पुलिस के लिए बन गया था सिरदर्द

पूर्णिया5 महीने पहले
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आशीष से अटिया बन हथियार थामा, अब जेल की सलाखों के पीछे। - Dainik Bhaskar
आशीष से अटिया बन हथियार थामा, अब जेल की सलाखों के पीछे।

पूर्णिया के चर्चित रिंटू सिंह हत्याकांड में मुख्य आरोपी आशीष सिंह उर्फ अटिया की गिरफ्तारी हो गई है। लोग यह सोच कर हैरान हैं कि अटिया ने बीते डेढ़ साल में ही तीन-तीन हत्याएं कैसे कर दी। अभी उसकी उम्र सिर्फ 22 साल ही है। इस उम्र में ही वह करियर बनाने की जगह अपराध की दुनिया में उतर गया। जिन हाथों में डिग्रियां होनी चाहिए, उनमें हथियार थाम लिया और आशीष से अटिया बन गया। अब वह जेल की सलाखों के पीछे है।

अटिया के करीबियों की मानें तो वह बचपन से ही अपने चाचा बुटन सिंह की तरह दबंग बनना चाहता था। दिवंगत बुटन सिंह मंत्री लेसी सिंह के पति थे और अपने वक्त में पूर्णिया की राजनीति में बड़ा नाम थे। अटिया ने सरसी से मैट्रिक पास किया और आगे की पढ़ाई के लिए पूर्णिया में रहने लगा। लेकिन मौज-मस्ती और किसी से भी मारपीट कर लेने की आदत की वजह से परिवार ने उसे वापस बुला लिया। यहां वह दोस्तों के साथ हथियार लेकर घूमने लगा।

पुलिस गिरफ्त में अटिया।
पुलिस गिरफ्त में अटिया।

बेनी सिंह की हत्या के बाद अपराध की दुनिया में आया अटिया
साल 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में अटिया ने लेसी सिंह के समर्थन में चुनाव प्रचार भी किया था। वहां धमदाहा विधानसभा सीट पर लेसी सिंह के खिलाफ दिलीप यादव प्रत्याशी बने थे। उसमें सरसी के ही बिट्टू सिंह और बेनी सिंह, दिलीप यादव के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रहे थे। यह बात अटिया को पसंद नहीं थी। इसके लिए बेनी सिंह व अटिया के बीच तू-तू मैं-मै हो गई। फिर विधानसभा चुनाव के दिन ही बेनी सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसका आरोप अटिया पर लगा।

बेनी सिंह।
बेनी सिंह।

राजनीतिक प्रतिशोध में ही हुई रिंटू सिंह की भी हत्या
सरसी के ही रहने वाले पूर्व जिप सदस्य विश्वजीत सिंह उर्फ रिंटू सिंह व अटिया पहले एक साथ थे। रिंटू सिंह ने पंचायत चुनाव में लेसी सिंह के साथ बगावत कर दी और उनके उम्मीदवार के खिलाफ जिप सदस्य पद पर पत्नी अनुलिका सिंह को उम्मीदवार बना दिया। चुनाव में लेसी सिंह व रिंटू सिंह के बीच कड़ा मुकाबला भी हुआ। लेकिन, अनुलिका सिंह ने बाजी मार लिया और भारी बहुमत से जिप सदस्य बन गई।

रिंटू सिंह।
रिंटू सिंह।

इतना ही नहीं, रिंटू सिंह खुद लेसी सिंह के खिलाफ धमदाहा विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी भी करने लगा। यह सब अटिया को पसंद नहीं आया और उसकी रिंटू सिंह के साथ अनबन होने लगी। अनुलिका सिंह की जीत अटिया को हज़म नहीं हुई थी। कहा जाता है कि बदला लेने के लिए ही उसने 11 नवंबर 2021 को रिंटू सिंह की सरसी में गोली मारकर हत्या कर दी। उसके बाद से अटिया सुर्खियों में आ गया और पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया।

नीरज झा।
नीरज झा।

बस स्टैंड पर वर्चस्व के लिए हुई नीरज झा की हत्या
पूर्णिया के बस स्टैंड पर बैरियर वसूली का काम बिट्टू सिंह करता है। रिंटू सिंह की हत्या के बाद अटिया सुर्खियों में आ गया था और बिट्टू सिंह के हर काम में दखल देने लगा। अटिया चाहता था कि बस स्टैंड पर बैरियर वसूली का काम वह करे। लेकिन बिट्टू सिंह को यह मंजूर नहीं था। बिट्टू सिंह ने बैरियर वसूली का जिम्मा नीरज झा को दिया था। अटिया नीरज झा पर बैरियर का काम छोड़ने के लिए दबाव बना रहा था। नीरज व बिट्टू सिंह ने अटिया को बच्चा समझकर उसकी धमकी को नजरअंदाज किया। लेकिन यह दोनों के लिए भारी पड़ गया। 6 जनवरी को नीरज झा की हत्या हो गई। इसमें भी मुख्य आरोपित अटिया ही बनाया गया।

पूर्णिया एसपी दया शंकर ने बताया कि अटिया ने बेनी सिंह, रिंटू सिंह व नीरजा झा की हत्या आपसी रंजिश के वजह से करने की बात अब तक के अनुसंधान से पता चला है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में एसपी ने बताया कि इस तीनों हत्याकांड में साजिश कर्ता अटिया के अलावा और कोई है कि नहीं इस विषय पर अनुसंधान जारी है। जल्द ही इसका भी खुलासा कर लिया जाएगा। अब तक के जांच और साक्ष्य प्रमाण से मुख्य आरोपी अटिया का ही नाम सामने आया है।