उपलब्धि:गले में फंसा सिक्का निकाल बचाई बच्चे की जान

पूर्णिया9 दिन पहले
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सिक्का निकालने के बाद अस्पताल से बाहर चिकित्सक की टीम। - Dainik Bhaskar
सिक्का निकालने के बाद अस्पताल से बाहर चिकित्सक की टीम।
  • पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दूरबीन की मदद से फंसा हुआ सिक्का निकाला

पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने दूरबीन की मदद से धमदाहा के एक बच्चे के गले में फंसे सिक्का को निकाल कर एक सात साल के बच्चे की बचाई जान है। पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डा. विकास कुमार व ईएनटी सर्जन डा. तौसिफ अहमद ने गले सिक्का निकालने में सफलता पाई है। दोनों चिकित्सकों ने धमदाहा प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र के बिशनपुर पंचायत वार्ड 17 निवासी सुरेंद्र उरांव के सात वर्षीय पुत्र मानव कुमार के गले में फंसे एक रुपये का सिक्का मुफ्त में निकाल कर चिकित्सीय सेवा के क्षेत्र में एक मिसाल पेश की है। पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के एनेस्थेसिया के डॉक्टर विकास कुमार ने बताया कि मुझे मीडिया के कुछ साथियों ने बताया कि एक बच्चे के गले में सिक्का फंस गया है तो मैंने उन्हें तुरंत मेडिकल काॅलेज लाने कहा। बच्चे को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज लाने के बाद मैंने पूर्णिया मेडिकल कॉलेज के ईएनटी सर्जन डा.तौसिफ अहमद को इसकी जानकारी दी। वे तुरंत पूर्णिया मेडिकल कॉलेज पहुंचे और ऑपरेशन का सारा इंतजाम अपने स्तर से किया गया। ऑपरेशन के दौरान अगर बच्चा उल्टी कर देता है तो बच्चे की जान जाने का भी खतरा रहता है। डॉ. विकास कुमार ने बताया कि इस ऑपरेशन में कंपाउंडर मिथिलेश कुमार, प्रमोद कुमार, मुकेश कुमार आदि शामिल थे। उन्होंने बताया कि अबतक वे 8 बच्चों के गले से फंसा सिक्का निकाल चुके हैं। चिकित्सकों ने कहा कि यह मानवता का काम है। इसे हमलोग जारी रखेंगे।

अगर किसी के गले में सिक्का फंस जाए तो कुछ खिलाना-पिलाना नहीं चाहिए : डॉ. विकास
डॉ. विकास ने बताया कि अगर बच्चे के गले में कभी सिक्का फंस जाए तो उसे कुछ खिलाना नहीं चाहिए। उसे तुरंत ईएनटी सर्जन के पास लाकर दिखाएं, क्योंकि गले में फंसा हुआ सिक्का बड़ी सावधानी से निकाला जाता है। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही जानलेवा हो सकती है।

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