कार्यक्रम:गीता मृत्युलोक पार करने का सरल रास्ता

पूर्णियाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पूर्णिया सिटी के शिव मंदिर में गीता जयंती की गई पूजा। - Dainik Bhaskar
पूर्णिया सिटी के शिव मंदिर में गीता जयंती की गई पूजा।
  • पूर्णिया सिटी के शिव मंदिर में गीता जयंती समारोह में पूजन व हुई आरती

जीवन का ज्ञान देने वाली श्री हरि के मुखारविंद के निकली मनुष्य के लिए अमृत स्वरूप श्रीमदभगवद्गीता भारतीय सनातन परंपरा की विश्व को अनमोल योगदान है। भगवान आज से 5059 वर्ष पहले अपने सबसे प्रिय भक्त अर्जुन के माध्यम से हमलोगों को इस मृत्युलोक से पार करने का बहुत हीं सरल रास्ता बताया है। यह भगवान का हम सभी भक्तों के प्रति दया हीं है। उपर्युक्त बातें पूर्णिया सिटी के शिव मंदिर में होने वाले गीता जयंती समारोह में दैनिक रामायण स्वाध्याय में लगे युवाओं ने बताया। कार्यक्रम का प्रारंभ संपूर्ण गीता पाठ से हुआ। जिसे मंदिर के पुजारी पं.शंभु दयाल दूबे द्वारा किया गया। इसके बाद श्रीमदभगवद्गीता का पूजन ,आरती हुई। श्रीमदभगवद्गीता के महात्म पर चर्चा हुई। इसमें संत मुरारी दास, श्याम तपाड़िया, गीता मर्मज्ञ शेखर जी का सार गर्भित उद्बोधन हुआ। इसे बाद आरती एवं प्रसाद का वितरण हुआ। इस मौके पर संघ के स्वयंसेवक, विश्व हिंदू परिषद्, भारतीय शिक्षण मंडल, श्रीराम सेवा संघ एवं अन्य सभी हिंदु विचार वाले संगठन की उपस्थिति एवं सहयोग प्राप्त हुआ। मौके पर रामायण स्वाध्याय के सदस्य आशु कुमार, रचित राज, विवेक कुमार, आदित्य कुमार, अभिषेक कुमार, राकेश कुमार, आदित्य कुमार दुबे,जय,ओबी,रितेश कुमार,ओम,नंदनी कुमारी आदि सदस्य उपस्थित रहे।

खबरें और भी हैं...