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मांग:सरकारी स्तर पर हो हिंदी की उपेक्षाओं का अंत : विजय श्रीवास्तव

पूर्णिया5 दिन पहले
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समाजसेवी विजय श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राष्ट्रभाषा हिंदी की उपेक्षाओं का अंत करने के लिए करने का आग्रह किया है।मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि 14 सितबंर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी राजभाषा घोषित होने के बावजूद हिंदीभाषी राज्य बिहार में आजतक हिंदी मूल्यवान तरीकों से स्थापित नहीं हो सकी है।हिंदी दिवस के अवसर पर हिंदी से संबंधित तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर बिहार सरकार को आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है।नेम प्लेट, घरों के नाम, दस्तखतों, अभिवादनों, विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों से संबंधित आमंत्रण कार्डों में बिहार जैसे राज्य में सरकारी एवं गैर-सरकारी स्तरों पर हिन्दी की उपेक्षाएं आश्चर्यजनक है एवं निश्चित रूप से आपत्तिजनक भी है।बिहार के लिए स्वाभिमान और गर्व की भाषा हिन्दी की उपेक्षाओं का अंत करने के लिए बिहार सरकार की भूमिकाओं की शुरुआत होनी चाहिए।यह सत्य है कि बिहार में हिन्दी के विकास के लिए तमाम विद्वान, संस्थाएं और सरकारी विभाग अपने-अपने स्तर पर कार्य करते रहते हैं। परंतु बिहार सरकार की उच्च प्राथमिकताओं में हिंदी मान और सम्मान के साथ नहीं है।उपरोक्त तथ्यों पर गंभीरता, शीध्रता एवं तीव्रता से पहल करने का अनुरोध किया है।

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