सख्ती:अधिक मूल्य पर खाद बेचने पर होगा केस

पूर्णिया24 दिन पहले
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हरदा बाजार में खाद बीज दुकानों की जांच करते डीआईओ व अन्य। - Dainik Bhaskar
हरदा बाजार में खाद बीज दुकानों की जांच करते डीआईओ व अन्य।
  • डीएओ ने हरदा बाजार के 5 खाद-बीज दुकानों की जांच की, दिए कई निर्देश

हरदा बाजार में डीएपी खाद की कालाबाजारी व स्टॉक रहते किसानों को टैग कर डीएपी खाद बेचने के मामले में खबर प्रकाशित होने के साथ ही कृषि विभाग का महकमा हरकत में आ गया है। जिला कृषि पदाधिकारी ने खुद हरदा बाजार में 5 खाद-बीज दुकानों की जांच करते हुए उन्हें निर्देश कहा कि किसानों से निर्धारित मूल्य से एक रुपए भी अधिक लेने पर दुकानदारों पर एफआईआर दर्ज करते हुए लाइसेंस रद्द किया जाएगा। डीआईओ प्रकाशचंद्र मिश्रा ने बताया की हरदा के कुछ किसानों की शिकायत मिली थी कि हरदा बाजार में डीएपी नहीं मिल रही है और डीएपी को अधिक दाम में बेचा जा रहा है। इसको लेकर अनुमंडल कृषि पदाधिकारी सोहन प्रसाद यादव के साथ मिलकर हरदा बाजार के पांच खाद बीज दुकानों की जांच की गई। गौरतलब है की डीएपी खाद की कालाबाजारी व स्टॉक रहते किसानों को टैग कर डीएपी खाद बेचने की खबर भास्कर अखबार में प्रमुखता से छपी थी। इसको लेकर कृषि विभाग हरकत में आई। जिला कृषि पदाधिकारी ने खुद हरदा के पांच दुकानों की जांच की। इसमें रिमझिम खाद बीज भंडार हरदा बाजार, नेशनल फर्टिलाइजर, चंदन सीड्स, दुर्गा फर्टिलाइजर दुकान में जांच की। किसानों ने बताया कि डीएपी उचित मूल्य 1200 पर हमलोगों को दिया जा रहा है। किसानों ने बताया कि उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं है। हमलोगों को विभाग के द्वारा निर्धारित मूल्य पर खाद दिया जा रहा है। इस मौके पर शोभागंज के किसान फजरुल रहमान, मोइन अंसारी, हरदा के राजेश महलदार, शिव नारायण यादव से लिखित रूप से 1200 में डीएपी खाद लेने का स्टेटमेंट हस्ताक्षर के साथ लिया गया। इसमें किसानों ने बताया कि हमलोगों को 1200 में डीएपी खाद मिल रहा है। डीएओ ने दुकानदारों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि किसानों से किसी भी प्रोडक्ट में एक रुपए भी एमआरपी से अधिक लेने की शिकायत मिली तो दुकानदार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और उनकी दुकान का भी लाइसेंस रद्द किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएपी खाद सभी दुकानों में उपलब्ध है। दुकानदारों को स्टॉक मैसेज नहीं मिलने के कारण खाद की बिक्री नहीं हो रही थी। शनिवार को मैसेज अपडेट होने के बाद बिक्री की जा रही है। किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।

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