पूर्णिया में निजी अस्पताल में मरीज के मौत पर हंगामा:एक सप्ताह पहले भी मरीज के मौत पर परिजनों ने किया था बवाल, पुलिस ने परिजनों को कराया शांत

पूर्णिया7 महीने पहले
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पूर्णिया में निजी अस्पताल में मरीज के मौत पर हंगामा। - Dainik Bhaskar
पूर्णिया में निजी अस्पताल में मरीज के मौत पर हंगामा।

पूर्णिया के मेडिकल हब में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने करने वाली घटना हुई है। शहर के कप्तानपाडा स्थित एक निजी अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो जाने पर परिजनों ने अस्पताल में जमकर तोडफोड की और अस्पताल के बाहर हंगामा किया। मरीज के मौत के बाद अस्पताल से सभी कर्मी भाग गए। लेकिन मृतक के परिजनों ने एक फर्जी डाक्टर को पकड़ जमकर पीटाई कर दी। देखते ही देखते अस्पताल के बाहर लोगों की भीड लग गए और परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस पहुंच कर परिजनों को शांत किया और फर्जी डाक्टर को अपने साथ ले गए। मृतका की पहचान अररिया जिला के रानीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नयांपट्टी बिस्टूरिया के रहने वाले शंभू राम की पत्नी कल्पना देवी के रूप में की गई है।

चार दिन पूर्व दलाल मेडिकल कॉलेज से महिला को बहला फुसला कर लाया था निजी अस्पताल

मृतका के बहनोई मिथिलेश राम ने बताया कि चार दिन पूर्व रात में कल्पना के पेट में अचानक दर्द होने और उल्टी होने लगा। परिजनों ने मरीज को इलाज के लिए रात के करीब 11 बजे पूर्णिया के मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया। इमरजेंसी वार्ड में इलाज के कुछ देर बाद मरीज होश में आ गई। तभी सुनिल कुमार यादव नाम के एक युवक आया और बताया कि मरीज काफी सिरीयस है इसे पटना रेफर कर दिया गया है। पटना तक मरीज नहीं पहुंच पाएगी। पूर्णिया में ही एक मल्टी स्पेशीलीटी अस्पताल है जहां कम खर्च में इलाज हो जाएगा। दलाल के बातों में आकर घबराए हुए परिजन मान गए। दलाल सुनील ने एक एम्बुलेंस मंगवाया और मरीज को लेकर कप्तानपाडा स्थित जीवन निधि मल्टी स्पेशीलीटी हस्पीटल में लेजाकर भर्ती कर दिया और इलाज करने लगा। पुछे जाने पर सुनील ने अपने को अस्पताल का मालिक व डाक्टर बताया। पीड़ित ने बताया कि इलाज के नाम पर पांच लाख रुपये मांगा गया। लेकिन परिजनों ने तीन लाख 80 हजार नकद काउंटर पर जमा कर दिया। इलाज खुद सुनील ही कर रहा था। लेकिन मरीज ने सोमवार को दम तोड़ दिया।

जीवन निधि मल्टी स्पेशीलीटी हस्पीटल में बीते 27 नवंबर के शाम को पूर्णिया के सिपाही टोला के रहने वाली एक महिला को प्रसव के बाद मौत हो गई थी। परिजनों ने जमकर हंगामा व तोडफोड किया था। एक सप्ताह बिता नहीं की दूसरी मौत हो गई।

इस विवादित अस्पताल का उद्घाटन बिहार के डीप्टी सीएम तारकेश्वर प्रसाद सिंह ने दिनांक 12 मार्च 2021 को किए थे। अस्पताल के उद्घाटन में पूर्णिया के सांसद संतोष कुशवाहा, सदर विधायक विजय खेमका, पूर्णिया नगर निगम के तत्कालीन मेयर, डीप्टी मेयर और शहर के अन्य कई लोग उपस्थित थे। यह बात हम नहीं बल्कि अस्पताल में लगे सीलापट से पता चलता है। बताया जा रहा है कि इस अस्पताल में शहर के बड़े बड़े नामचीन लोगों का इनवेस्टमेंट है।

बताया जा रहा है कि अस्पताल सुनील कुमार यादव के देखरेख में चल रहा है। सुनील मरीजों को खुद डाक्टर बताकर इलाज भी करते हैं लेकिन इनके पास डाक्टर का कोई डीग्री नहीं है। यहां तक कि सुनील खुद कुछ दलालों के साथ रातभर मेडिकल कॉलेज अस्पताल का चक्कर लगाते हैं और अस्पताल में इलाजरत मरीज के परिजनों को बहला फुसला कर सरकारी अस्पताल से अपने अस्पताल में ले आते हैं और फिर मरीजों को इलाज के नाम पर दोहन किया जाता है। अस्पताल के आसपास के लोगों ने बताया कि एक साल पहले तक सुनील जमीन का दलाली करता था। फिर उसने मेडिकल क्षेत्र में दलाली करने लगा और अस्पताल के संचालक बन गया।

जब इस घटना के संबंध में सिविल सर्जन से पुछा गया तो उन्होंने बताया कि बीते 27 नवंबर को जीवन निधि मल्टी स्पेशीलीटी हस्पीटल में मरीज की मौत हो गई थी। जिस पर अस्पताल प्रबंधक से स्पष्टीकरण पुछा गया है लेकिन अब तक उसका जबाब नही मिला है। सोमवार को यह दूसरी घटना की सूचना मिली है। इस अस्पताल का निबंधन को अब रद्द कर दिया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।

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