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यास का असर:300 एकड़ में सब्जी की फसल बर्बाद, खुश्कीबाग मंडी में 40% आवक घटी, दोगुनी तक बढ़ी कीमत

पूर्णिया13 दिन पहले
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पूर्णिया पूर्व के कनैला में डूबी भिंडी की फसल। भिंडी की फसल में पानी लगने के बाद अब धूप उगने के कारण पौधे में गलन होने लगी है। अगर पानी जल्द नहीं निकला तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। - Dainik Bhaskar
पूर्णिया पूर्व के कनैला में डूबी भिंडी की फसल। भिंडी की फसल में पानी लगने के बाद अब धूप उगने के कारण पौधे में गलन होने लगी है। अगर पानी जल्द नहीं निकला तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
  • लगातार तीन दिन में 331 एमएम बारिश से जिले में सब्जी समेत अन्य फसलों को नुकसान
  • जलजमाव से परवल, लौकी, झींगा, खीरा, बरबटी, बैगन व टमाटर को नुकसान

यास के असर से लगातार तीन दिन में 331 एमएम बारिश से जिले में सब्जी समेत अन्य फसलों को काफी नुकसान हुआ है। यास तूफान का जिले में असर समाप्त हो गया है, लेकिन यह काफी नुकसान कर गया है। जिले में करीब 300 एकड़ खेत में सब्जी की फसल को नुकसान का अनुमान है। अकेले पूर्णिया पूर्व प्रखंड में सौ एकड़ का नुकसान हुआ है। जो सब्जी के खेत डूबे हैं, अब उसमें लगी फसल धूप निकलने से गलने लगी है। लगातार बारिश के कारण से मक्का, आम लीची की फसलों के साथ-साथ सब्जी की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। सब्जी को नुकसान होने से शहर की मंडियों में सब्जी की 40 फीसदी आवक कम हो गई है। बाहर से आने वाली सब्जियों की कीमत में उछाल देखने को मिला है। यास से पहले जो भिंडी खुश्कीबाग मंडी में थोक भाव में 10 रुपए किलो मिल रही थी, अब 20 रुपए हो गई है। ग्राहकों के हाथ में पहुंचते-पहुंचते यह 30 से 40 रुपए हो जाता है। अमूमन हरेक सब्जियों के दाम में इजाफा हुआ है। सब्जी की फसल बर्बाद हो जाने से किसानों को ज्यादा नुकसान हुआ है। खुश्कीबाग मंडी के सब्जी के थोक व्यापारी मनोज कुमार बताते हैं कि मंडी में लोकल सब्जी की आवक 40 प्रतिशत से ज्यादा गिर गई है। बारिश के कारण फसल खेत में बर्बाद हो रही है। अधिकांश फसल ग्रामीण इलाकों में ही खप जा रही है। कम किसान ही अपने फसल को बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे हैं। बाहर से सब्जी आने के कारण से सब्जियों के थोक भाव में ज्यादा इजाफा हुआ है। पिछले 5 दिनों में थोक दाम में काफी बढ़ोतरी हुई है। पहले जो परवल हम लोग 12 से 15 रुपए किलो खुदरा विक्रेता को देते थे, वह अब 20-25 रुपए पहुंच गया है। टमाटर भी 12 से 20 रुपए किलो पहुंच गया है।

ज्यादा समय पानी खेत में लगा तो गलने लगेंगे सब्जी के पौधे
पूर्णिया पूर्व प्रखंड के अलावा, केनगर और श्रीनगर, रुपौली प्रखंड के किसानों के द्वारा व्यापक स्तर पर सब्जी की खेती की जाती है। जलजमाव के कारण से परवल, लौकी, झींगा, खीरा, बरबटी, बैगन और टमाटर के फसलों को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा है। जिन खेतों में जलजमाव हो गया है, वहां धूप निकलने के साथ अधिकांश लत्ती वाले सब्जियों के पौधे खेत में गलने लगे हैं।

रोज एक क्विंटल सब्जी लाने वाले किसान ला रहे सिर्फ 50-60 किलो
सब्जी की खरीद बिक्री करने वाले थोक विक्रेता अमोद कुमार सिंह ने बताया पहले जो किसान एक क्विंटल सब्जी लाता था, वह अब मात्र 50 से 60 केजी ही सब्जी बाजार ला पा रहा है। उन्होंने बताया कि भिंडी बाजार में थोक 20 खुदरा 30 से 35 रुपए, परवल थोक भाव 30 से 40 खुदरा 50, बैगन थोक भाव 30 से 35 रुपए खुदरा 50 रुपए, करेला थोक भाव 20 से 25 रुपए खुदरा 40 से 50 रुपए बिक रहा है।

खुश्कीबाग सब्जी मंडी के भाव
सब्जी यास से पहले यास के बाद
भिंडी 10 रुपए 20 रुपए
परवल 12-15 रुपए 20-25 रुपए
टमाटर 12 रुपए 20 रुपए
बरबटी 15 रुपए 20 रुपए
करेला 10-15 रुपए 20 रुपए
बैगन 14 रुपए 25 रुपए
कद्दू 10-15 रुपए 20 रुपए

पूर्णिया पूर्व में सौ एकड़ सब्जी की फसल बर्बाद
कृषि सलाहकार संजीव कुमार सिंह बताते हैं कि पूर्णिया पूर्व प्रखंड क्षेत्र में लगभग 4000 एकड़ में सब्जी की खेती की जाती है। पूर्णिया पूर्व में 100 एकड़ जमीन पर लगी सब्जी एवं अन्य फसल बर्बाद हो चुकी है। लगभग 300 एकड़ से ज्यादा सब्जी के फसल बर्बाद होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सभी बीएओ को नुकसान के आकलन का निर्देश
जिले में बारिश के पानी से फसलों को नुकसान की सूचना मिली है। सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी को बारिश के कारण से हुए नुकसान का आंकलन किए जाने का निर्देश दिया गया है।
संत लाल साह, जिला कृषि पदाधिकारी, पूर्णिया

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