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गंगा किनारे तेजी से कटाव:राघोपुर में कटावरोधी कार्य शुरू नहीं होने से आक्रोश

राघोपुरएक महीने पहले
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नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ राघोपुर प्रखंड के जहांगीरपुर पंचायत के परोहा गांव के निकट गंगा नदी में हो रहे कटाव से भयभीत स्थानीय वासियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा शुक्रवार को कटाव स्थल पर हंगामा किया। इस दौरान लोगों ने डीएम वैशाली से कटाव स्थल का मुआयना करने एवं अविलंब कटाव निरोधी कार्य कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार गंगा एक गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के साथ जहांगीरपुर पंचायत के परोहा गांव के निकट नदी की तेज धारा के कारण गंगा किनारे तेजी से कटाव हो रहा है।

जिससे लोगो का कई कट्ठा जमीन एव आधा दर्जन बथान नदी में विलीन हो गया। कटाव अब घर के पास आ गया है, जिससे होने से गांव के लोगों में दहशत व्याप्त है।लोगो ने स्थानीय प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बरसात से पहले कोई भी पदाधिकारी कटाव का मुआयना करने नहीं आते हैं। नदी किनारे बसी गीता देवी, राधा देवी एव लक्ष्मी देवी ने बताया कि नदी के पानी से तेजी से जमीन का कटाव हो रहा है। अगर कटाव रोकने हेतु बोल्डर पीचिंग नहीं किया गया तो हम लोग का घर गंगा नदी में विलीन हो जाएगा। समाजसेवी विकास कुमार, अर्जुन कुमार ,रंजीत कुमार ने बताया कि पिछले छह माह पहले भी कटाव से आधा दर्जन लोग

का घर एवं कई एकड़ जमीन गंगा नदी में विलीन हो चुकी है। इसको लेकर पहले भी जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया लेकिन कटाव रोकने के मुआयना हेतू न तो अफसर आये और न ही कोई कार्य हुआ।लोगो ने कहा कि कटाव नहीं रोका गया तो प्रखंड के जहांगीरपुर पंचायत के परोहा, सरफाबाद ,जफराबाद के आधा दर्जन से अधिक वार्ड सहित कई एकड़ जमीन गंगा नदी के गोद में समा जाएगी। इस दौरान कटाव स्थल पर अर्जुन राय, गनौर राय, समरेश राय, रंजीत कुमार ,सीता देवी ,गीता देवी, लालू राम, सजीवन राय, हजारी राय ,विद्या राय सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।

साल पहले हुआ कटाव निरोधी बांध भी कटा। प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन वर्ष पहले परोहा कटाव स्थल के पास कटाव रोकने के लिये बालू भरी बोरिया बांध कर कटाव निरोधी कार्य किया गया था।जिसमे ठेकेदार द्वारा सिर्फ बालू में बोरिया भर कर खानापूर्ति कर दी गई थी। लेकिन उसके बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे इस बार कटाव में वो बांध भी नदी में समा गया। परोहा के समरेश राय ने बताया कि तीन साल पहले कटाव निरोधी कार्य हुआ था। लेकिन उस समय ठेकेदार द्वारा सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई थी, जिससे वो बांध भी कट गया।

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