परेशानी:गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से राघोपुर के ज्यादातर गांवों में घुसा पानी

राघोपुर3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
राघोपुर के हजपूर्वा चकसिंगार गांव में जानवर के लिए बाढ़ के पानी से गुजरकर चारा ले जाते किसान। - Dainik Bhaskar
राघोपुर के हजपूर्वा चकसिंगार गांव में जानवर के लिए बाढ़ के पानी से गुजरकर चारा ले जाते किसान।
  • बाढ़ से घिर जाने के कारण कई पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से सड़क संपर्क भंग

गंगा नदी के जलस्तर में शुक्रवार से लगातार बढ़ोतरी के साथ वैशाली जिले के राघोपुर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा नदी का पानी प्रखण्ड के निचले इलाकों में फैलने के बाद नए इलाकों में फैलने लगा है, जिससे प्रखण्ड के कई इलाकों का प्रखण्ड मुख्यालय से सड़क संपर्क भंग हो गया है। गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से निर्माणाधीन सिक्सलेन पुल के कई पायो के पास बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जिससे पुल का काम प्रभावित होने की आशंका प्रबल हो गई है। वहीं, नदी के पानी में तेजी से बढ़ोतरी के कारण प्रखण्ड के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है।
पानी 2016 में आई बाढ़ से 1.22 मीटर ही नीचे
गंगा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। गंगा के पानी में लगातार शुक्रवार रात्रि से बढ़ोतरी देखी जा रही है। पटना के गांधी घाट में गंगा का जलस्तर शाम 5 बजे तक 49.3 मीटर था। जो खतरे के निशान से करीब पौने एक मीटर ऊपर बह रही है। अगर गंगा के पानी में लगातार बढ़ोतरी हुई तो राघोपुर के लोगों को 2016 में आई बाढ़ की तरह विभीषिका झेलनी होगी। मालूम हो कि 2016 में प्रलयकारी बाढ़ आई थी। करीब दो लाख लोग विस्थापित हो गए थे। खासकर राघोपुर में व्यापक क्षति हुई थी।

15 सेमी से अधिक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया
राघोपुर प्रखंड अंतर्गत 2016 के प्रलयकारी बाढ़ के दौरान भी 21 अगस्त को गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.52 मीटर था। इस हिसाब से देखें तो 2016 की तुलना में गंगा नदी का जलस्तर 1.22 मीटर ही नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा के पानी में रविवार सुबह तक करीब 15 सेमी से अधिक बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। वहीं हाजीपुर में भी गंडक के पानी में बढ़ोतरी देखी जा रही है। हाजीपुर में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान 50.32 मीटर से 90 सेमी नीचे 49.42 मीटर पर है।

राघोपुर की आधा से ज्यादा पंचायतें बाढ़ से प्रभावित

नदी के जलस्तर में हो रहे इजाफा से प्रखण्ड के वीरपुर,जुड़ावनपुर करारी, जुड़ावनपुरबरारी,शिंवनगर, चकसिंगार, रामपुर करारी बरारी, राघोपुर पूर्वी ,राघोपुर पश्चिमी, पहाड़पुर पश्चिमी ,पहाड़पुर पूर्वी, विशनपुर, जफराबाद, जहांगीरपुर, हेमतपुर, रुस्तमपुर, बहरामपुर, श्रीरामपुर, चांदपुरा, हजपुरवा, साइस्तपुर, सरायपुर, हैबतपुर सहित प्रखण्ड के नए इलाकों में पानी प्रवेश कर चुका है। जिससे खेत के साथ घरो के चारो तरफ पानी प्रवेश कर चुका है। जिससे कई निचले इलाकों में हालात बद से बदतर होती जा रही है।

सरकारी स्तर पर कोई सुविधा नहीं
प्रखण्ड में बाढ़ के पानी से सबसे ज्यादा प्रभावित चकसिंगार, जहांगीरपुर, जफराबाद, हजपुरवा, शिवनगर सहित इलाकों में सरकारी स्तर पर कोई सुविधा नहीं है। हालात ऐसे है कि लोगों को कमर भर पानी में चलकर बाजार जाना पड़ता है। इस संबंध में अमित कुमार सिंह उर्फ बल्लू ने बताया कि गांव में चारों तरफ पानी है।सरकारी स्तर पर नाव की सुविधा नहीं है। लोगों का बाजार आना जाना मुश्किल हो गया है। वहीं युवा राजद के जिला महासचिव रविकिशन एवं पवन कुमार पंकज ने जिला प्रशासन से तत्काल सरकारी नाव की व्यवस्था करने की है। राजद के महासचिव रविकिशन ने कहा डीएम वैशाली से बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर लोगों को सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

खबरें और भी हैं...