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आक्रोश:विनोद के शरीर पर मिले जख्म के निशान, मेडिकल रिपोर्ट में भी किडनी, गुर्दा के डैमेज होने की हुई पुष्टि

रजौन13 दिन पहले
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पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगा थाने के सामने आगजनी करते आक्रोशित लोग। - Dainik Bhaskar
पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगा थाने के सामने आगजनी करते आक्रोशित लोग।
  • पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगा रजौन थाना के पास परिजनों का हंगामा, पांच घंटे रोड जाम
  • कहलगांव में हुई डकैती के मामले में हिरासत में लिया गया था विनोद
  • 7 की रात रजौन थाना के सहयोग से कहलगांव पुलिस ने उठाया, 11 जुलाई को गंभीर स्थिति में लेकर आए थे परिजन

पुलिस की पिटाई से जिस युवक की मौत का आरोप लगा आक्रोशित परिजनों ने रजौन थाना के सामने आगजनी की, उसके शरीर पर जख्म के कई निशान मिले हैं। मृतक के पैर, जांघ, पीठ सहित प्राइवेट पार्ट पर भी गहरी चोट के निशान मौजूद हैं। जिसके कारण मृतक के गुप्तांग में पेशाब नली के लिए पाइप भी लगाई गई थी। चिकित्सकीय रिपोर्ट में शरीर के कई अहम हिस्से जैसे किडनी, गुर्दा में डैमेज होने की पुष्टि की गई है। उल्लेखनीय हो कि मंगलवार रात मायांगज में इलाजरत रजौन के चकसपिया निवाीस मनोज कुमार दास के पुत्र विनोद कुमार दास (26 वर्षीय) की मौत हो गई थी। बुधवार सुबह विनोद के परिजन सहित अन्य ग्रामीणों ने पुलिस की पिटाई से विनोद की मौत का आरोप रजौन थाना के सामने आगजनी की, भागलपुर हंसडीहा मुख्य मार्ग को करीब पांच घंटे तक जाम किया। जानकारी के अनुसार 24 जून को कहलगांव के प्रोफेसर रत्नेश्वर प्रसाद सिंह के घर में डकैती हुई थी। इसी मामले में कहलगांव थाना की पुलिस ने रजौन पुलिस की मदद से 7 जुलाई को विनोद को उसके गांव से हिरासत में लिया था। जिसके बाद पूछताछ के लिए कहलगांव पुलिस युवक को अपने साथ लेकर चली गई।

आश्वासन देकर 5 घंटे बाद जाम हटाया
बुधवार सुबह विनोद की लाश के साथ परिजन व ग्रामीण रजौन थाना पहुंचे। जहां शव को रखकर थाना का घेराव किया। आक्रोशित इस मामले में दोषी पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने रजौन थाना के समीप भागलपुर हंसडीहा पथ काे बांस बल्ला लगाकर जाम कर दिया और टायर जलाकर आगजनी करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही बांका के एसडीएम मनोज कुमार चौधरी और एसडीपीओ दिनेश चंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंच लोगों को समझाते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा देने के आश्वासन के बाद पांच घंटे से लगा जाम हटाया गया।

ससुराल ले जाकर भी की गई थी पूछताछ
मृतक के पिता मनोज ने दर्ज प्राथमिकी में बताया कि 7 जुलाई की रात कहलगांव थाना के थानाध्यक्ष श्रीकांत भारती, जमादार पुरुषोत्तम झा ने रजौन थाना पुलिस के सहयोग से विनोद को हिरासत में लिया। फिर उसे उसके ससुराल अमरपुर थाना के तारडीह गांव ले गए। जहां से कहलगांव पुलिस उसे हिरासत में लेकर कहलगांव चली गई थी। कहलगांव पुलिस ने बर्बरतापूर्ण पिटाई की और 11 जुलाई की शाम छोड़ दिया। गंभीर स्थिति में उसे पहले रजौन सीएचसी लेकर पहुंचे फिर मायागंज में भर्ती कराया।

बर्बरता के सबूत: पैर पर जख्म के निशान, अन्य जगह इससे भी बड़े जख्म।
बर्बरता के सबूत: पैर पर जख्म के निशान, अन्य जगह इससे भी बड़े जख्म।

थाने से निकलने के बाद चलने लायक नहीं था

मृतक के पिता मनोज ने बताया कि 11 जुलाई को जब हमलोग विनोद को कहलगांव थाना से लेकर बाहर निकले तब वह चलने-फिरने में असमर्थ था। विनोद ने बताया था कि मेरा हाथ-पैर बांधकर मुझे काफी पीटा गया है, मेरा बचना मुश्किल है। पुलिस को जब लगा कि अब वह मरने वाला है, तब उसने मेरे बेटे को छोड़ दिया। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के 5 दिन के दौरान मुझे मेरे बेटे से मिलने नहीं दिया। जब भी मैं थाना पहुंचता, गाली-गलौज कर पुलिस भगा देती थी।

आश्वासन देकर 5 घंटे बाद जाम हटाया
बुधवार सुबह विनोद की लाश के साथ परिजन व ग्रामीण रजौन थाना पहुंचे। जहां शव को रखकर थाना का घेराव किया। आक्रोशित इस मामले में दोषी पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने रजौन थाना के समीप भागलपुर हंसडीहा पथ काे बांस बल्ला लगाकर जाम कर दिया और टायर जलाकर आगजनी करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही बांका के एसडीएम मनोज कुमार चौधरी और एसडीपीओ दिनेश चंद्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंच लोगों को समझाते हुए दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने और मुआवजा देने के आश्वासन के बाद पांच घंटे से लगा जाम हटाया गया।

इकलौता कमाऊ सदस्य था विनोद

मृतक विनोद की पत्नी अरुणा देवी ने कहा कि ससुर दिव्यांग है। पति के भरोसे ही पूरे घर परिवार का भरण-पोषण चलता था। पुलिस ने बर्बरतापूर्ण पिटाई करके मेरे पति को मौत के घाट उतार दिया है। अब मैं किसके सहारे जिऊंगी। इतना कहते हुए मासूम बच्चे को पकड़कर दहाड़ मार कर रोने लगती थी। उल्लेखनीय हो कि विनोद पेटिंग कर परिवार चलाता था।

कहलगांव में प्रोफेसर के यहां हुई थी डकैती
24 जून को कहलगांव के प्रोफेसर रत्नेश्वर प्रसाद सिंह के घर में भीषण डकैती हुई थी। जिसमें पीड़ित द्वारा 30 लाख रुपए की डकैती की सूचना पुलिस को देते प्राथमिकी दर्ज करायी थी। मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद विनोद को उठाया गया था।

दोषी मिले जवानों पर की जाएगी कार्रवाई
एसडीएम मनोज कुमार चौधरी व एसडीपीओ दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मृतक के पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। शव के पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद जांच में दोषी मिलने वाले पुलिस पदाधिकारियों के विरुद्ध निश्चित कार्रवाई की जाएगी।

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