सहरसा में कोरोना से पहली मौत:41 साल का शख्स होम आइसोलेशन में था, सांस लेने में परेशानी के बाद अस्पताल के रास्ते में मौत

सहरसा4 महीने पहले
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सहरसा जिले में कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक महिषी प्रखंड के राजनपुर गांव का लक्ष्मी भगत (41 वर्ष) है। वो कोरोना से संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में थे। शुक्रवार को उनका ऑक्सीजन लेवल घटना शुरू हुआ। जब सांस लेने में परेशानी होने लगी तो आनन- फानन में एंबुलेंस बुलाया गया। किंतु अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया। सिविल सर्जन डॉ. अवधेश कुमार ने उनके कोरोना से मौत की पुष्टि की है।

बता दें कि जिले में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को शाम तीन बजे तक 208 नए मरीज जांच में पॉजिटिव पाए गए। इनमें 121 एंटीजन टेस्ट में और 87 RTPCR में संक्रमित मिले। गुरुवार को भी जिले में 200 सौ से अधिक लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। शुक्रवार को एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 1153 हो गई। जबकि अब तक 115 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं।

तीसरी लहर में बच्चे और किशोर भी बड़ी संख्या में संक्रमण की चपेट में आये हैं। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में संक्रमण की रफ्तार ढाई गुणी है। संतोष की बात यह है कि तीसरी लहर में अब तक जिले में किसी की मौत नहीं हुई है। तीसरी लहर में 10 वर्ष से कम उम्र के 15 बच्चे और 5 बच्चियां कोरोना संक्रमित हुई हैं। जबकि 11 से 20 आयु वर्ग में 145 लोग संक्रमण की चपेट में आए हैं। यही वजह है कि 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर-किशोरियों के वैक्सीनेशन पर जोर दिया जा रहा है।

बच्चों में कोरोना का हो रहा फैलाव चिंताजनक है। क्योंकि15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को कोरोना से रक्षा कवच देने के लिए अब तक किसी तरह की वैक्सीन नहीं आई है। इधर, सहरसा व्यवहार न्यायालय में बड़ी संख्या में न्यायिक पदाधिकारी और बेंच कलर्क के पॉजिटिव होने के बाद 22 जनवरी तक के लिए न्यायालय के कामकाज वर्चुअल तरीके से कर दिया गया है।

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