JDU विधायक का बेटा मुखिया भी नहीं बन पाया:11 साल से लगातार MLA बन रहे पिता, बेटा मुखिया पद भी नहीं जीत सका

सहरसा7 महीने पहले
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सहरसा में JDU विधायक के बेटे का मुखिया बनाने का सपना मतदाताओं ने बुरी तरह तोड़ दिया। वो खुद की गृह पंचायत से ही हार गए। दरअसल, JDU विधायक रत्नेश सादा के बेटे राजीव कुमार महिषी विधानसभा के महिषी प्रखंड के कुंदह पंचायत से मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ रहे थे। 645 वोटों से वो तीसरे स्थान पर रहे। पन्नालाल राम को 851 वोट मिले और वो मुखिया चुने गए।

JDU विधायक रत्नेश सादा अपने समर्थकों के साथ।
JDU विधायक रत्नेश सादा अपने समर्थकों के साथ।

बता दें कि JDU विधायक रत्नेश सादा का पैत्रिक गांव महिषी प्रखंड का कुंदह गांव है। वे पिछले 11 साल से सोनबरसा राज (सुरक्षित) विधानसभा से जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ते और जीतते आ रहे है। ऐसे में इस बार उन्होंने अपने बेटे को महिषी प्रखंड के कुंदह पंचायत से चुनाव में उतारा था। बता दें कि कुंदह भी सुरक्षित सीट है।

चुनाव के दौरान विधायक ने बेटे के लिए खूब चुनाव प्रचार भी किया था। यहां से कुल 10 प्रत्याशी मैदान में थे।

विधायक पुत्र राजीव कुमार और मुखिया पद विजेता पन्नालाल।
विधायक पुत्र राजीव कुमार और मुखिया पद विजेता पन्नालाल।

वहीं, इस पर विधायक रत्नेश सादा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। मतदाताओं का जो निर्णय आया है, उसे सबको स्वीकार करना होता है। मैं भी जनता के फैसले का सम्मान करता हूं।

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