हत्या के 42 घंटे बाद भी दर्ज नहीं हुआ FIR:जमीन विवाद को लेकर हुई थी हत्या, गोली लगने से गई थी जान

सहरसाएक महीने पहले
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मृतक व उसके परिजन। - Dainik Bhaskar
मृतक व उसके परिजन।

जमीन विवाद को लेकर सहरसा में हुई हत्या और आगजनी की घटना के 42 घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी तक दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा। यह हाल में सूबे के आदर्श थाना सहरसा सदर का। जहां सहरसा सदर थाने के उछाही नगर में गोलियां चली। हत्या भी हुई। रोड़ेबाजी और तोड़फोड़ के साथ आगजनी में लाखों की क्षति भी हुई। लेकिन प्राथमिकी के बावत पूछने पर सदर थानाध्यक्ष जय शंकर प्रसाद कहते हैं कि मृतक छोटू यादव के परिजन के द्वारा आवेदन ही नहीं आया है। धैर्य रखिए शाम तक प्राथमिकी दर्ज कर सूचना दे जायेगी।

हालांकि एसपी लिपि सिंह शीघ्र ही पूरे मामले की जांच करने की बात कहती हैं। किंतु, घटना के 42 घंटे बीत जाने के बावजूद प्राथमिकी का दर्ज नहीं होना कई सवाल खड़े कर रहा है। साथ ही लोगों के उन आरोपों को भी बल दे रहा है कि पुलिस की शह पर भवेश विवादित जमीन की घेराबंदी कर रहा था। जिसकी वजह से हादसा हुआ। विवादित जमीन पर कब्जे के लिए भवेश और बनारसी पासवान ने भाड़े के अपराधियों बुला रखे थे। दोनों ओर से हुई हिंसक झड़प में छोटू यादव की गोली लगने से मौत हुई। इसके बाद छोटू के समर्थकों गुंडों और बनारसी पासवान के लोगों ने भवेश पासवान और रमेश पासवान के घर तोड़फोड़ और आगजनी की। भवेश के घर से करीब तीन बोरा जमीन से संबंधित सरकारी और लोगों के निजी दस्तावेज भी पुलिस ने बरामद किया था। बताते चले कि भवेश जमीन की दलाली और भूमि दस्तावेज में हेराफेरी कर करोड़ों की संपति अर्जित करने की भी बात सामने आई है। किंतु, इस पूरे प्रकरण में पुलिस का रवैया संदेह खड़े कर रहा है।