प्रतिवाद मार्च निकाला / मजदूरों के लिए बने कानून खत्म कर रही सरकार

Government is ending the law made for workers
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Government is ending the law made for workers

  • श्रम कानूनों के निलंबन सहित 12 घंटे कार्य दिवस के खिलाफ ट्रेड यूनियनों ने निकाला प्रतिवाद मार्च

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:41 AM IST

सहरसा. श्रम कानूनों के निलंबन एवं 12 घंटे कार्य दिवस के खिलाफ सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर शुक्रवार को नरियार रोड स्थित सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय के समक्ष सोशल डिस्टेंस रखते हुए प्रतिवाद मार्च का आयोजन किया गया।

मौके पर सीपीआई के राष्ट्रीय परिषद सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि को केंद्र एवं राज्य सरकार मजदूरों के लिए बने कानूनों को खत्म करने के अवसर के रूप में प्रयोग कर रही है। बिहार सहित देश के अन्य राज्यों में 12 घंटे का कार्य दिवस और सभी श्रम कानूनों को तीन साल के लिए निलंबित किया जाना मजदूरों को गुलामी में धकेलेगा और बड़े कॉर्पोरेटर को मजदूरों के शोषण के लिए खुली छुट देगा।

वही इंटक नेता केशर कुमार सिंह ने कहा कि पीएम के 20 लाख करोड़ के पैकेज से मजदूरों के राहत के लिए कुछ भी नहीं निकला, जो निंदनीय है। सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय को समर्पित ज्ञापन में निलंबित किए गए सभी श्रम कानूनों को अविलंब बहाल करने, 12 घंटे के कार्य दिवस के अध्यादेश को तुरंत वापस लेने, निबंधित निर्माण श्रमिकों को लंबित भुगतान राशि अविलंब भुगतान करने, मनरेगा सहित सभी मजदूरों को श्रम कल्याण बोर्ड में निबंधन की गारंटी, सभी ग्रामीण कार्यों को मनरेगा में शामिल करने की मांग की गई। 

मौके पर एटक जिलाध्यक्ष कृष्णा प्रसाद साह, जिला सचिव प्रभुलाल दास, मो. नसीर, उमेश पौद्दार, इंटक जिलाध्यक्ष सत्यनारायण चौपाल, मुकेश कुमार, मो. नसीम, रामविलास पासवान, रामगुलाम यादव, मो. असलम, मो. सलाम, मनीष कुमार, मो. जाकीर, मो. कमररूद्दीन, सीता राम दास, रामचंद्र दास, बुधन शर्मा, सोमेश्वर राम, महेश्वरी शर्मा, मो. समजूल, तारानंद ठाकुर, अशोक कुमार सुमन आदि मौजूद थे।

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