आस्था:भगवती उग्रतारा की प्रतिमा का घर बैठे कीजिए दिव्य दर्शन

सहरसा12 दिन पहले
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मिथिलांचल के प्रसिद्ध सिद्धपीठ भगवती उग्रतारा स्थान महिषी अपनी धार्मिक एवं पुरातात्विक महत्व के लिए राष्ट्रीय स्तर पर जाना जाता है। यहां तांत्रिक को उनके तंत्र साधना के लिए सिद्धि प्राप्त होती है। भगवती उग्रतारा स्थान में शारदीय नवरात्र, चैती नवरात्र एवं मकर संक्रान्ति के मौके पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। शारदीय नवरात्र को लेकर साधक, तांत्रिक एवं पुजारियों का कहना है कि दुर्गा पूजा के अष्टमी, नवमी व दशमी को भगवती उग्रतारा की विभिन्न स्वरूपों का दर्शन होता है। जिसमें तांत्रिक को निशापूजा की रात सिद्धि प्राप्त होती है। एकजटा नील सरस्वती भगवती उग्रतारा को लेकर जो मान्यता है उसके अनुसार सती के वाम नेत्र महिषी में गिरने से उग्रतारा के रूप में चर्चित हुई। जो आज सिद्धपीठ के रूप में प्रसिद्ध है। भगवती उग्रतारा की महाअष्टमी को निशा पूजा की मध्य रात्रि साधक, तांत्रिक अपने तंत्र साधना की सिद्धि के लिए महापूजा करते हैं। फोटो जर्नलिस्ट | विजय महापात्रा

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