निराशा:जनहित एक्स. पटना से रात में चलाने की मांग चार साल बाद भी पूरी नहीं

सहरसा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रेलवे स्टेशन पर यात्री। - Dainik Bhaskar
रेलवे स्टेशन पर यात्री।
  • 2016 से उठाई जा रही मांग, रेल अधिकारियों को कई बार सौंपा जा चुका पत्र
  • 10 अगस्त से जनहित एक्स. शुरू होने वाली है, जो पटना से दिन में खुलेगी

रेल विभाग के निर्णय से कोसी क्षेत्र के लोगों को एकबार फिर निराशा हाथ लगी है। कोरोना काल में बंद हुई जनहित एक्सप्रेस का परिचालन 10 अगस्त से शुरू करने की आधिकारिक घोषणा तो कर दी गई है लेकिन क्षेत्र के हजारों लाखों लोगों की मांग को एकबार फिर रेल के अधिकारियों ने अनसूनी कर दी है। सहरसा से पटना के लिए चलने वाली सहरसा-पाटलिपुत्र जनहित एक्सप्रेस का परिचालन का समय सहरसा से रात में दिया गया है जो ठीक है लेकिन लोगों की 2016 से ही मांग है कि इस ट्रेन को पाटलिपुत्र से भी रात में चलाई जाए जिससे एक दिन के काम से पटना जाने वाले दिन भर काम कर रात में पाटलिपुत्र से अहले सुबह सहरसा पहुंच जाए। विभागयी कार्य से सहरसा आने वाले डीआरएम को भी मीडिया के माध्यम से आम लोगों की मांग से अवगत कराया गया था। कई रेल यात्रियों ने दैनिक भास्कर को फोन कर जनहित एक्सप्रेस ट्रेन को राजधानी पटना से देर रात चलाने की मांग रखी है। उन्होंने बताया कि रेलवे की मनमानी पूर्ण रवैये से लोगों को आर्थिक एवं मानसिक नुकसान तो हो ही रहा है साथ ही साथ रेलवे राजस्व का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेल यात्रियों ने यह भी जानकारी दी है कि जब भी कोई रेल के वरीय पदाधिकारी सहरसा आते रहे हैं। उन्हें पटना से देर रात सहरसा के लिए जनहित एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की लिखित, मौखिक और यहां तक कि स्थानीय सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने भी रेलवे विभाग को पत्र लिखकर जनहित एक्सप्रेस ट्रेन को रात में पटना से परिचालन करने की मांग की थी। लेकिन रेलवे रेल यात्री सहित जनप्रतिनिधियों की भी मांग को दरकिनार कर जनहित एक्सप्रेस ट्रेन को पाटलिपुत्र स्टेशन से सुबह 9 बजे के करीब रवाना किया जा रहा है। इस कारण ट्रेन में यात्रियों की संख्या भी कम रहती है।

पटना से रात में सहरसा के लिए ट्रेन न मिलने पर होती परेशानी
कई यात्रियों ने बताया कि पटना से सुबह में जनहित एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन हो रहा है। ऐसे में उनका पूरा दिन ट्रेन में ही सफर करने में बीत जाता है। कोसी क्षेत्र के लोग सुबह में सहरसा से सुपरफास्ट राज्यरानी से महज चार घंटे में पटना पहुंच जा रहे हैं। दिन भर पटना में काम करने के बाद रात में पटना या पाटलिपुत्र स्टेशन से जनहित ट्रेन का परिचालन किया जाए तो सुबह तक यात्री सहरसा पहुंच जाएेंगे। इससे इस ट्रेन को सबसे अधिक राजस्व मिलेगा और पटना जाने वाले लोगों के समय की बचत भी होगी। लेकिन उन्हें देर रात पटना से कोई ट्रेन नसीब नहीं है। जिसके कारण उन्हें रात भर निजी होटलों और सगे संबंधियों के यहां बितानी पड़ती है। जिससे उनका जहां पूरी रात बर्बाद हो जाता है। वहीं अगले दिन सुबह उन्हें पटना से सहरसा के लिए जनहित एक्सप्रेस ट्रेन मिलती है। जो शाम तक सहरसा पहुंचती है। ऐसे में जहां होटल और खाने का खर्चा बढ़ता है वहीं समय की भी बर्बादी होती है। वर्ष 2016 से संचालित जनहित एक्सप्रेस रात में पटना से संचालित करने की मांग 2016 से ही हो रही है। कई बार इसके लिए जीएम , डीआरएम सहित अन्य रेल अधिकारियों को रेल यात्रियों की तरफ से मांग पत्र भी सौंपा जा चुका है। लेकिन अब तक इसका परिचालन देर रात नहीं होने से रेल यात्रियों में रेलवे के प्रति कई दुर्भावना भी पनप रही है।

रात में परिचालन की अनुमित नहीं मिली है
मुख्यालय से निर्देश मिलने के बाद ट्रेन का परिचालन होता है। जनहित एक्सप्रेस ट्रेन का पटना से देर रात परिचालित किए जाने की अनुमति नहीं मिली है। पूर्व में भी ट्रेन दिन में ही पटना से खुलती थी। रेल यात्रियों की मांग मुख्यालय भेजी जाएगी।
सरस्वतीचंद्र, समस्तीपुर डिवीजन के सीनियर डीसीएम

यात्रियों की मांग मुख्यालय भेजी जाएगी
पूर्व में जिस ट्रेन का परिचालन हो रहा था। उन्हीं ट्रेनों को अभी परिचालित किया जा रहा है। नए समय और नई ट्रेन को परिचालित नहीं की जा रही है। लोगों की मांग से मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा।
राजेश कुमार, हाजीपुर जोन के सीपीआरओ

खबरें और भी हैं...