बच्चों की सेहत से खिलवाड़ / आंगनबाड़ी के नौनिहालों को दिया जाने वाला मिल्क पाउडर खुद हजम कर गईं सेविकाएं

बंद पड़ा सोनवर्षाराज प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र व पोषक सुधा मिल्क। बंद पड़ा सोनवर्षाराज प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र व पोषक सुधा मिल्क।
Milk powder given to the children of Anganwadi was digested itself
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बंद पड़ा सोनवर्षाराज प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र व पोषक सुधा मिल्क।बंद पड़ा सोनवर्षाराज प्रखंड क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र व पोषक सुधा मिल्क।
Milk powder given to the children of Anganwadi was digested itself

  • मासिक 4655 किलो सुधा मिल्क पाउडर का उठाव लेकिन 1688 आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को नहीं मिला दूध, हुई जांच की मांग...
  • अपने-अपने घरों में सेविकाएं सुधा मिल्क पाउडर से बना रही हैं चाय

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

सहरसा. आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित नौनिहालों को कुपोषण मुक्त व उनके बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से आईसीडीएस के सहयोग से दूध पिलाने की योजना 2019 से चल रही है। प्रति माह आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों में दूध वितरण के लिए सुधा मिल्क पाउडर दिया जाता है। लेकिन यह दूध बच्चों तक नहीं पहुंचता है। अप्रैल 2019 से हरेक केंद्रों की सेविकाएं अपने-अपने सीडीपीओ कार्यालय से दूध पाउडर का उठाव तो करती है। लेकिन बच्चों को पिलाने के बदले पाउडर खुद गटक जा रही है। कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आपूर्ति तिथि से अब तक मात्र दो महीने किसी कारण से सुधा मिल्क पाउडर की आपूर्ति नहीं की गई है। लेकिन इन दो माह के साथ-साथ किसी भी केंद्र में बच्चों को दूध नहीं मिला। 
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले में 1688 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। 200 ग्राम के पैकेट में इन सभी केंद्रों को प्रतिमाह 4655 किलो ग्राम सुधा मिल्क पाउडर आवंटित किया गया। जिसे 3 से 6 साल तक के बच्चों को सप्ताह में एक दिन बुधवार को पिलाना था। लेकिन ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को दूध नहीं मिला। अप्रैल 2019 से अबतक  14 माह में जिले के 1688 आंगनबाड़ी केंद्रों को 65170 किलो सुधा मिल्क पाउडर मिला। लेकिन यह दूध कहां गया इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसकी पड़ताल जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्र के नामांकित बच्चों के घर जाकर की जा सकती है।
गार्जियन को दूध वितरण की जानकारी ही नहीं | बनमा ईटहरी प्रखंड के सरबेला पंचायत अंतर्गत केंद्र संख्या 26 तेलियाहाट में नामांकित बच्चे आशीष की मां चांदनी देवी व सोनाक्षी के पिता संतोष पासवान दूध की आपूर्ति से अंजान हैं। सोनवर्षाराज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महुआ उत्तरबाड़ी पंचायत के केंद्र सं. 192 की अभिभावक रिंकू देवी व राजीव जायसवाल सहित अन्य बच्चों को भी दूध दिए जाने की जानकारी नहीं है। सौरबाजार स्थित केंद्र संख्या 51 में नामांकित बच्चे आयुष राज सहित मां अनुप्रिया भारती ने बताया कि कभी दूध नहीं दिया गया। 
बड़े आंगनबाड़ी केंद्र को मिलता है 28 पैकेट 
जिला के 10 प्रखंड व शहरी क्षेत्र में कुल 2090 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत है। अभी 1688 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इन 1688 में से मिनी केंद्रों की संख्या 120 है। प्रत्येक माह 200 ग्राम के पैकेट में 4655 किलो ग्राम सुधा मिल्क पाउडर की आपूर्ति होती है। 40 बच्चों वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को महीने में 28 एवं मिनी आंगनबाड़ी केंद्र को 14 पैकेट की आपूर्ति होती है। 
लॉकडाउन के समय में घर घर पहुंच कर देना था दूध
प्रत्येक केंद्र पर बुधवार को 18 ग्राम पाउडर को 150 मिली लीटर पानी में घोल कर दूध तैयार कर बच्चों को उपलब्ध कराना है। लॉकडाउन के दौरान नामांकित बच्चों के घर-घर पहुंचकर दूध पिलाना था अथवा पैकेट उपलब्ध कराना था। नरियार की सेविका सोनी देवी ने बच्चों को दूध देने की बात कही जबकि महारस की रूबी देवी ने दूध नहीं दिए जाने की बात स्वीकारी। 

जांच के बाद होगी कार्रवाई
बच्चों के लिए नियमित सुधा मिल्क पाउडर उपलब्ध करायी जा रही है। लॉकडाउन में बच्चों को दूध का पैकेट दिया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों को दूध आपूर्ति की जाती है या नहीं सभी सीडीपीओ से पूछने के बाद पता चल सकेगा। आंगनबाड़ी केंद्रों से भी पता किया जाएगा। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। 
-रीता सिन्हा, डीपीओ, आईसीडीएस

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