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आक्रोश:महिषी के 11 पंचायतों को बाढ़ग्रस्त घोषित करने व फसल क्षति के मुआवजे की मांग को ले मंत्री का काफिला रोका

सहरसा / महिषी2 दिन पहले
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स्पर का निरीक्षण करते मंत्री, साथ में विधायक व डीएम। - Dainik Bhaskar
स्पर का निरीक्षण करते मंत्री, साथ में विधायक व डीएम।
  • जिले के प्रभारी मंत्री जीवेश ने पूर्वी तटबंध के क्षतिग्रस्त स्पर का किया मुआयना, कुंदह जाने के क्रम में बोहरवा में घेराव
  • कारू स्थान की सुरक्षा 98 किमी बिंदु पर क्षतिग्रस्त स्पर को मजबूत करने का मंत्री ने दिया निर्देश

मंगलवार को पूर्वी कोसी तटबंध के 98 किमी बिन्दु पर बीते दिनों कोसी नदी के दबाव से क्षतिग्रस्त स्पर को और मजबूत बनाया जाएगा। स्पर से सटे कोसी क्षेत्र के प्रसिद्ध कारू खिरहरि मंदिर की सुरक्षा के लिए स्थाई निदान किया जाएगा। जिले के प्रभारी एवं राज्य के श्रम संसाधन एवं सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने पूर्वी कोसी तटबंध के 98 किमी बिन्दु पर बने क्षतिग्रस्त स्पर का निरीक्षण किया और कहा मंदिर की सुरक्षा के लिए इस स्पर का मजबूतीकरण आवश्यक है। उन्होंने इंजीनियर से इसके स्थाई मजबूतीकरण की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। प्रभारी मंत्री जिवेश कुमार दो दिवसीय दौरे के क्रम में मंगलवार को सहरसा पहुंचने के बाद सबसे पहले पूर्वी कोसी तटबंध के क्षतिग्रस्त स्पर का मुआयना करने पहुंचे। उन्होंने तटबंध में कुंदह गांव में कोसी नदी के कटाव से हुए नुकसान का भी जायजा लिया। कुंदह जाने के दौरान बोहरवा में पहले से मौजूद ग्रामीणों सहित पंचायत प्रतिनिधियों ने मंत्री के काफिला को रोकते हुए तटबंध में महिषी प्रखंड के 11 पंचायतों को बाढ़ग्रस्त घोषित कर राहत की मांग की। मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार के गाइडलाइन के अनुसार मदद दी जाएगी। प्रभारी मंत्री के साथ महिषी और सोनवर्षा विस क्षेत्र के जदयू के विधायक गुंजेश्वर साह, रत्नेश सादा, जिलाधिकारी कौशल कुमार सहित भाजपा जदयू से जुड़े कार्यकर्ता चल रहे थे। इस क्रम में उन्होंने सिमरी बख्तियारपुर अनुमंडल अस्पताल का निरीक्षण किया। चपरांव उप स्वास्थ्य केन्द्र के निरीक्षण में डाक्टर और कर्मी गायब मिले। केन्द्र में ताला लगा हुआ था।

आश्वासन : सरकारी गाइडलाइन के तहत एक भी व्यक्ति बाढ़ जैसी आपदा के लाभ से वंचित नहीं होंगे

पूर्वी तटबंध के अंदर महिषी अंचल के बाढ़ पीड़ित परिवार के बीच बाढ़ आपदा राहत मद की राशि भुगतान आंशिक रूप से बाढ़ प्रभावित घोषित करने को लेकर जनप्रतिनिधियों ने बहोरवा चौक पर प्रभारी मंत्री का धेराव किया। घेराव करते जनप्रतिनिधियों ने ज्ञापन मंत्री को देकर तटबंध में 11 पंचायत को पूर्णरूपेन बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने तथा फसल क्षतिपूर्ति की मांग रखी। मांग पत्र पर प्रभारी मंत्री जीवेश मिश्रा ने लोगों से कहा कि सरकारी गाइडलाइन के तहत एक भी व्यक्ति बाढ़ आपदा के लाभ से वंचित नहीं होंगे। इस मौके पर उपस्थित बधवा पंचायत के मुखिया चिरंजीव चौधरी, मनोवर पंचायत के मुखिया रीता देवी, आरापट्टी पंचायत के मुखिया शांति लक्ष्मी चौधरी, भेलाही पंचायत के मुखिया नौशावा खातून, तेलवा पूर्वी के मो. सैफुल्लाह, पंसस सदस्य कयामुल हक, जिला परिषद पुनम देवी, प्रखंड प्रमुख बैद्यनाथ कुमार विमल, जाप के प्रखंड अध्यक्ष जय कांत पासवान आदि ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से सरकार ने तटबंध के अंदर पूर्ण बाढ़ प्रभावित मानते हुए राहत दी, जो इस बार आंशिक रूप से देने की बात कही जा रही है।

बोहरबा के पास सड़क पर खड़े पंचायत प्रतिनिधि सहित ग्रामीण।
बोहरबा के पास सड़क पर खड़े पंचायत प्रतिनिधि सहित ग्रामीण।

98 किमी स्पर को मुख्य एजेंडा में शामिल करें

महिषी के महपुरा के समीप पूर्वी कोसी तटबंध के 98 किमी स्पर पर बचाव कार्य का मंत्री ने जायजा लिया। मंत्री ने जलसंसाधन विभाग के इंजीनियर से कहा कि अगले वर्ष के लिए पूर्वी कोसी तटबंध के 98 किमी स्पर को मुख्य एजेंडा में शामिल करें ताकि इसका ठोस समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्वी कोसी तटबंध का 98 किमी स्पर संत बाबा कारु खिरहरि मंदिर को लेकर अति महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस स्पर के रहने से मंदिर पर नदी का दबाव कम पड़ता है।

कुंदह गांव में कटाव के स्थायी निदान के लिए प्रस्ताव भेजने का दिया निर्देश

मंगलवार को कुंदह पहुंचे प्रभारी मंत्री जिवेश कुमार ने विधायक गुंजेश्वर साह एवं रत्नेश सादा के साथ कटाव स्थल का जायजा लिया। कटाव स्थल पर विधायक गुंजेश्वर साह ने कहा कि 10 वर्षों से कोसी नदी के कटनिया से कुंदह को काफी नुकसान पहुंचा है। जिसमें पहले विद्यालय, गांव और इस बार कब्रिस्तान की जमीन नदी में विलीन हो गई है। स्थानीय विधायक की बात सुनने के बाद मंत्री ने डीएम कौशल कुमार तथा जलसंसाधन विभाग के इंजीनियरों को गांव में लगे कटनिया के स्थाई निदान के लिए अगले वर्ष के लिए प्रस्ताव भेजने की बात कही। उन्होंने जलसंसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता राम विनय शर्मा से इस बार इसके बचाव की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया।

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