परेशानी:10 पंचायतों पर एक स्वास्थ्य केंद्र, ऑक्सीजन नहीं

राजनपुर20 दिन पहले
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गंदगी के बीच इलाजरत गर्भवती महिला। - Dainik Bhaskar
गंदगी के बीच इलाजरत गर्भवती महिला।
  • ब्रिटिश काल से स्थापित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र चपराम के परिसर में सफाई भी नहीं, घूमते सुअर

ब्रिटिश काल से स्थापित अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र चपराम लगभग 10 पंचायतों से जुड़ी बड़ी आबादी के लिए मात्र एक स्वास्थ्य केंद्र है। जहां रोजाना 5 से 10 गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराया जाता है। लेकिन इस अस्पताल में कई वर्षों से आउटसोर्सिंग कि कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण हॉस्पिटल के इर्द-गिर्द गंदगी का अंबार लगा रहता है। यहां अंदर बाहर भी सफाई की व्यवस्था नहीं है। गर्भवती के साथ जच्चा-बच्चा को भी इंफेक्शन लगने का खतरा रहता है। यही नहीं कोरोना काल में अस्पताल में कभी भी ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था नहीं रहती। आज भी बगैर ऑक्सीजन के ही अस्पताल चल रहा है। शुक्रवार को प्रसव के लिए आई एक गर्भवती मौसम कुमारी व उनके परिजनों ने बताया कि 4 बजे सुबह से बरामदे पर अस्पताल की चौकी पर हैं। खुले रहने के कारण सर्द हवा से सिकुड़ रहे हैं। यह अस्पताल परिसर सुअर व मवेशियों का चारागाह बना रहता है। जिससे आसपास गंदगी के बदबू से दम घुट रहा है।

दो चिकित्सक तीन एएनएम एक प्रधान लिपिक है पदस्थापित
अस्पताल में एक महिला चिकित्सक रूपा कुमारी व पुरुष चिकित्सक के रूप में डॉक्टर विजय कुमार, तीन एएनएम तथा एक लिपिक मोहम्मद आलमगीर पदस्थापित हैं। महिला चिकित्सक डॉ. रूपा कुमारी ने कहा आउटसोर्सिंग की व्यवस्था नहीं रहने से अस्पताल में सफाई का काफी संकट है। इस कोरोना काल में सफाई के साथ-साथ ऑक्सीजन सिलेंडर की भी आवश्यकता है जो उपलब्ध नहीं है। रोजाना 5 से 10 गर्भवतियों का प्रसव होता है।

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