मेला का आयोजन:मत्स्यगंधा में आज से एक महीने का महायोगिनी मेला हुआ शुरू

सहरसाएक महीने पहले
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मत्स्यगंधा स्थित रक्त काली मंदिर। - Dainik Bhaskar
मत्स्यगंधा स्थित रक्त काली मंदिर।
  • कोरोना के कारण पिछले दो साल मेला लगाने की नहीं दी गई थी मंजूरी
  • श्री रक्त काली चौंसठ योगिनी मंदिर न्यास समिति की बैठक में महायोगिनी मेला लगाने की मिली मंजूरी, 30 लाख लगाई गई अधिकतम बोली

कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो साल से बंद रहा महायोगिनी मेला आज से शुरू हो रहा है। शहर के एकमात्र पर्यटन स्थल मत्स्यगंधा में आज से महायोगिनी मेला की विधिवत शुरुआत होगी। करीब एक महीने तक चलने वाले इस मेला का आयोजन 15 दिसंबर से शुरू होकर 16 जनवरी 2022 तक चलेगा। सोमवार को श्री रक्त काली चौंसठ योगिनी मंदिर न्यास समिति समिति की बैठक में मेला के आयोजन की अनुमति अधिकतम बोली 30 लाख रुपया लगाने वाले डाक वक्ता को दी गई। मेले के आयोजन को लेकर कई दुकानें पहले से ही सज चुकी हैं। अब आधिकारिक स्वीकृति मिलने के बाद दो साल के अंतराल के बाद उत्साह के साथ मेले का आयोजन होगा।

सुपौल के कमरुल ने लगाई 30 लाख की सबसे बड़ी बोली
श्री रक्त काली चौंसठ योगिनी मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष सह डीएम कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सदस्यों द्वारा बताया गया कि 28 नवंबर को समिति की बैठक में महायोगिनी मेला के प्रतिभागी नालंदा के नागेंद्र कुमार ने 25 से 26 लाख तक, सुपौल के मो. कमरुल ने 30 लाख तथा सहरसा के मो.नूर आलम ने 24 लाख रुपए की बोली मेला आयोजन हेतु बंदोबस्त राशि देने पर सहमति व्यक्त की थी।

दो बार निविदा होने के बाद भी नहीं हो सकी थी बंदोबस्ती
सदस्यों ने कहा कि वर्तमान में सुरक्षित जमाराशि अधिक रहने के कारण एक भी डाक वक्ता ने निविदा प्रक्रिया में भाग नहीं लिया है। दो बार निविदा आमंत्रित करने के बाद भी मेला की बंदोबस्ती नहीं हो पाई है। समिति ने वर्तमान में सबसे अधिक 30 लाख रूपया देने पर सुपौल के मो. कमरुल को मेला लगाने की अनुमति दे दी गयी।

महायोगिनी मेला को लेकर बैठक में शामिल डीएम व अन्य।
महायोगिनी मेला को लेकर बैठक में शामिल डीएम व अन्य।

16 जनवरी के बाद प्रतिदिन एक लाख देना होगा
यदि मेला के आयोजक 16 जनवरी के बाद मेला को जारी रखेंगे तो उन्हें प्रतिदिन एक लाख रुपया देना होगा। अगर प्रशासन मेला का आयोजन समाप्त करने का आदेश देगा तो समिति मेला के आयोजक को प्रतिदिन एक लाख रुपया देगी। वहीं मत्स्यगंधा झील में मत्स्य पालन के लिए जलकर की बंदोवस्ती हेतु निविदा प्रकाशित की गई थी परंतु किसी ने सुरक्षित राशि जमा नहीं की।

60 प्रतिशत राशि को 48 घंटे में करना होगा जमा
जलकर की बंदोबस्ती नहीं होने के कारण पूर्व में निर्धारित अवधि दो वर्ष के स्थान पर तीन वर्ष तथा सुरक्षित राशि 45 लाख रुपए करते हुए पुन: निविदा प्रकाशित करने का निर्णय समिति द्वारा लिया गया। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि उच्चतम डाक वक्तों को डाक में लगाई गई बोली का 60 प्रतिशत राशि 48 घंटे के अंदर एवं शेष 40 प्रतिशत राशि एक वर्ष के अंदर जमा करना होगा। बैठक में सदर एसडीओ सहित अन्य उपस्थित थे।

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