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परेशानी:नगर पंचायत बने 10 पंचायतों में निबंधित 39,433 मजदूरों में 25,761 हुए बेरोजगार

सहरसा7 दिन पहले
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  • नगर पंचायत में शामिल पंचायतों में नहीं चली मनरेगा योजना, 70 % जॉब कार्डधारी से छिन गया काम
  • खम्हौती, सिमरी, नवहट्टा पूर्वी और पश्चिमी, बनगांव उत्तरी, बनगांव दक्षिणी, बनगांव पूर्वी, सौर बाजार तथा सोनवर्षा व सोहा नगर पंचायत के रूप में अधिसूचित

लॉकडाउन के दौरान जिला स्थित विभिन्न प्रखंडों के दस पंचायतों को नगर पंचायत बनाएं जाने पर संबंधित पंचायतों में मनरेगा की नई योजनाओं नहीं खोले जाने से रोजगार सृजन में ग्रहण लग गया है। कोरोना संक्रमण के इस दौर में सरकार द्वारा लॉकडाउन लगाएं जाने पर मनरेगा द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजन हेतु योजनाएं खोले जाने की घोषणा की गई थी। बावजूद जिला के दस पंचायतों को नगर पंचायत बनाए जाने के बाद संबंधित पंचायतों में नई योजनाएं नहीं खोली जा रही है। जिस वजह से संबंधित पंचायतों में एक्टिव मजदूरों की संख्या कुल निबंधित जॉबकार्ड धारी मजदूरों से आधे से आधी हो गई है। सूबे की सरकार ने सिमरी बख्तियारपुर के खम्हौती, सिमरी, नवहट्टा के नवहट्टा पूर्वी और पश्चिमी, कहरा के बनगांव उत्तरी, बनगांव दक्षिणी, व बनगांव पूर्वी, सौरबाजार प्रखंड में सौर बाजार तथा सोनबर्षाराज प्रखंड में सोनवर्षा व सोहा को नगर पंचायत के रूप में अधिसूचित कर दिया है।हालांकि अभी उपरोक्त पंचायतों में नगर प्रतिनिधियों का चुनाव तक नहीं हो पाया है। बावजूद इसके दसों पंचायतों में मनरेगा की नई योजना लेने की प्रक्रिया पर बीते अप्रैल माह से ही रोक लगा दी गई है। जिससे काम की कमी हो गई है। इससे कार्यरत मजदूरों के समक्ष काम की विकट समस्या उत्पन्न हो गई है।

पंचायतों में निबंधित और एक्टिव जॉब कार्डधारी मजदूरों का आंकड़ा
संबंधित नगर पंचायतों में निबंधित व एक्टिव जॉब कार्डधारी की संख्या पर नजर डालें तो नवहट्टा पूर्वी पंचायत में कुल निबंधित जॉब कार्डधारी की संख्या 6024 है जबकि वर्तमान में कुल एक्टिव मजदूरों की संख्या मात्र 1644 है। इसी तरह नवहट्टा पश्चिमी में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या है 4979, जबकि कुल एक्टिव मजदूरों की संख्या मात्र 946 रह गई है। सोनवर्षा राज अंचल क्षेत्र के नगर पंचायत बने सोहा में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 4107 है। जबकि एक्टिव मजदूरों की बात करे तो वो है 1994। इसी तरह सोनवर्षा पंचायत में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 3138, जबकि एक्टिव मजदूर है मात्र 1034। कहरा प्रखंड स्थित बनगांव पूर्वी पंचायत में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 2965 है जबकि एक्टिव मजदूर मात्र 357 है, बनगांव उत्तरी में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 1762 है तो एक्टिव मजदूरों की संख्या मात्र 50 है। इसी तरह बनगांव दक्षिणी पंचायत में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या है 2002 वहीं एक्टिव मजदूर मात्र 67 है। इस मामले में सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के नगर पंचायत में शामिल खमौती तथा सिमरी पंचायत की स्थिति कुछ अच्छी नजर आ रही है। खमौती में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 3980 है जबकि एक्टिव मजदूरों की संख्या है 2598 है इसी तरह सिमरी में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या हैं 3688, जबकि एक्टिव मजदूरों की संख्या 2152 है। इसी तरह सौरबाजार पंचायत में कुल निबंधित मजदूरों की संख्या 7788 है जबकि एक्टिव मजदूरों की संख्या 2830 है।

मात्र एक तिहाई मजदूरों को मिला रोजगार
विभागीय आंकड़ों का अवलोकन करें तो नगर पंचायत बने दस पंचायतों में कुल निबंधित 39,433 मजदूरों में मात्र 13,672 मजदूरों एक्टिव तथा 25,761 मजदूर बेरोजगार है। इस तरह उपरोक्त पंचायतों को नगर पंचायत अधिसूचित कर चुनाव संपन्न होने से पूर्व ही लगभग 70 फीसदी निबंधित जॉब कार्डधारी मजदूरों को घर बैठने को मजबूर कर दिया गया है।

नगर क्षेत्र में ग्रामीण विकास या पंचायती राज विभाग की योजनाएं नहीं चलेगी
मनरेगा योजना ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलाई जाती है। अब वे सभी पंचायत नगर पंचायत के तौर पर नोटीफाइड हो गया है। नगर क्षेत्र में ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग की कोई योजना नहीं चलेगी। वहां पर नगर विकास से संबंधित योजना चलेगी। नोटीफिकेशन से पहले शुरू की गई योजना को ही पूर्ण किया जा रहा है।
राजेश कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त

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