तीसरी लहर में टूटा रिकॉर्ड...:अब तक 1 दिन में सबसे ज्यादा 57 नए संक्रमित

सहरसा13 दिन पहले
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सदर अस्पताल स्थित आईसीयू। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल स्थित आईसीयू।
  • जिले में गुरुवार तक संक्रमितों की संख्या 70 थी, शुक्रवार को आंकड़ों में और इजाफा
  • सहरसा रेलवे स्टेशन पर तैनात 5 जीआरपी के जवान भी हुए संक्रमित, सभी होम क्वारेंटाइन
  • संक्रमण शतक पार 127

जिले में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो गई है, क्योंकि कोरोना संक्रमितों की संख्या शतक पार कर गई है। शुक्रवार को जिले में कोरोना के नए 57 संक्रमित मिले है। अब जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 127 हो गई है। वहीं, गुरुवार को 41 कोरोना के मरीज मिले थे। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 127 संक्रमितों में 8 संक्रमित 18 वर्ष से कम उम्र के हैं, जबिक 62 संक्रमित 18 साल से ऊपर के हैं। 60 संक्रमितों ने कोरोना का दोनों डोज लगवा रखा था। वहीं एक व्यक्ति ने सिर्फ कोरोना का पहला डोज ही लिया था। जबकि एक संक्रमित ऐसे भी हैं जिन्होंने एक भी कोविड का डोज नहीं लगवाया है। वहीं, अगर कोरोना जांच की बात करें तो जिले में कुल मिलाकर 30102 जांच हुई है। जिसमें एंटीजन और आरटीपीसीआर दोनों जांच शामिल है। अभी आरटीपीसीआर की रिपोर्ट नहीं आई है। कोरोना संक्रमण आम लोगों के साथ सुरक्षा में तैनात जवानों को भी हो रहा है। सहरसा रेलवे स्टेशन पर तैनात 5 जीआरपी के जवान कोरोना संक्रमित हो चुते हैं। जिसकी पुष्टि भी कर दी गई है। जानकारी दी गई कि संक्रमित रेल यात्रियों की जांच के लिए स्थानीय रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान को तैनात किया गया। गुरुवार को जीआरपी के जवानों ने जब संक्रमित महसूस होने पर जांच कराई तो शुक्रवार को 5 जीआरपी संक्रमित पाए गए। सभी जवानों को होम क्वारेंटाइन कर दिया गया है। फिलहाल कोरोना संक्रमण के बढ़ते रफ्तार को देखते हुए प्रशासन ने भी अपनी तैयारी कर रखी है। जिले के हर प्रखंडों में माइकिंग के जरिए लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि कोरोना की रफ्तार कम पड़े। संक्रमण न फैले।

तैयारी : सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की हुई आपूर्ति
सदर अस्पताल सहित जिले में संचालित सभी 16 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत की जा रही है। कोशिश की जा रही है कि संक्रमितों के इलाज के लिए किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर ऑक्सीजन की कमी न हो। ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट है। वहीं सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की आपूर्ति की गई है। जो बिजली से संचालित होती है। जो वातावरण के हवा से ऑक्सीजन तैयार करता है। फिर पाइप के सहारे मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचता है। चूंकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर बिजली से संचालित होती है, ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद ऑक्सीजन की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर और डी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर की भी व्यवस्था भी है। बता दें कि बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर में 10 लीटर ऑक्सीजन भरा रहता है। यह छोटा ऑक्सीजन गैस सिलेंडर कहलाता है। यही सिलेंडर एंबुलेंस में होता है। जबकि डी-टाइप का ऑक्सीजन सिलेंडर बड़े होते हैं। जिसमें 46.7 लीटर ऑक्सीजन गैस होता है। इसके अलावे स्टोर रूम में भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर और डी-टाइप सिलेंडर रखा गया है।

पिछले वर्ष की अपेक्षा इस साल रिकवरी रेट बेहतर, कोरोना से लोग 2 से 3 दिन में हो रहे ठीक
इस बार कोरोना के नए वैरिएंट ओमीक्रोन का फैलाव हो रहा है। जो तेजी से फैल रहा लेकिन, इससे संक्रमित होने वाले लोग दो या तीन दिन के अंदर ठीक हो जा रहे हैं। यह एक राहत की बात है। पर गंभीर बात यह है कि जिन्होंने कोरोना का एक भी डोज नहीं लिया है उनके लिए थोड़ी से परेशानी है, उन्हें सतर्क रहने की जरूरत है। मालूम हो कि कोरोना के पहले और दूसरे लहर में संक्रमित लोग जल्दी ठीक नहीं हो पाते थे। उनकी तबीयत खराब होती चली जाती थी।

किस स्वास्थ्य केंद्र में कितने सिलेंडर की आपूर्ति
स्वास्थ्य केंद्र की सूची ऑक्सीजन डी-टाइप बी-टाइप
कंसंट्रेटर सिलेंडर सिलेंडर
सदर अस्पताल 51 105 120
रेफरल अस्पताल सिमरी 25 35 30
सीएचसी सौर बाजार 10
सीएचसी सलखुआ 10
सीएचसी नवहट्‌टा 10
सीएचसी महिषी 10
सीएचसी सत्तरकटैया 10
पीएचसी सदर ब्लॉक 05
एपीएचसी मंगवार 02
एपीएचसी सहसोल 02
यूपीएचसीसी नियामत टोला 01
मंडल कारा सहरसा 01

आइसोलेशन सेंटर में व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया
200 बेड का पारा मेडिकल सह कोविड आइसोलेशन सेंटर को पूरी तरह से चुस्त-दुरुस्त कर दिया गया है। साथ ही 4 बेड का आईसीयू, 4 बेड का वेंटिलेटर एवं 4 बेड का मॉनिटिर भी संचालित रखा गया है। सदर अस्पताल के सभी 208 बेड में से कुल 154 बेड तक पाइप लाइन से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू की गई है। -अमित चंचल, सदर अस्पताल मैनेजर

सभी छोटे-बड़े अस्पतालों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जहां लगाया गया है। बी-टाइप और डी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर को भी रखा गया है। स्टोर में भी सैकड़ों की संख्या में बी-टाइप , डी-टाइप और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को सुरक्षित रखा गया है। किसी भी परिस्थिति से जुड़ने के लिए सहरसा स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार है। -अवधेश कुमार, सीएस

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