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परेशानी:बारिश थमने के 4 दिन बाद भी जलजमाव

सहरसा14 दिन पहले
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जल निकासी की कोशिशि
शहर के न्यू कॉलोनी में जमे पानी को निकालने के लिए नप ने लगाया छोटा सा पंप सेट - Dainik Bhaskar
जल निकासी की कोशिशि शहर के न्यू कॉलोनी में जमे पानी को निकालने के लिए नप ने लगाया छोटा सा पंप सेट
  • 10 वार्ड प्रभावित, 16 पंपसेट लगाकर जलनिकासी की सिर्फ हो रही खानापूर्ति
  • शहर के आधे से अधिक मोहल्ले में कई दिनों से जमा बारसात का पानी सड़कर देने लगा दुर्गंध

बारिश थमने के चार दिन बाद भी शहरवासियों को जलजमाव से मुक्ति नहीं मिली। पानी की निकासी नहीं हो रही। नगर परिषद कुछ जगहों पर छोटे पावर का पम्पसेट लगा जल निकासी की खानापूर्ति कर रहा है। तीन विभागों की गलतियों का खामियाजा शहर के 10 वार्डों के लोगों को झेलना पड़ रहा है। नाला निर्माण में नप में राशि की बंदरबांट हुई। पथ निर्माण विभाग ने सड़क से उंचा नाला बना कर विभाग की किरकरी की। बुडको ने नाला निर्माण पर करीब 50 करोड़ राशि खर्च की लेकिन उनके नाला से पानी का बहाव इसीलिए नहीं हो रहा कि उसका सही स्लोप नहीं बनाया गया और न ही अन्य नालों से कनेक्ट किया गया। कुल मिला कर शहर की करीब 50 हजार से अधिक आबादी बरसात के पानी से घीरी है। शहर में 8 सड़कों को निवर्तमान डीएम शैलजा शर्मा ने पथ निर्माण विभाग को सुपुर्द कराने की पहल किया था। इसके बाद पथ निर्माण विभाग ने आठों का सड़क बनाया। साथ ही सभी सड़कों के किनारे नाला का भी निर्माण करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लेकिन विभाग के संवेदक नाले की ऊंचाई सड़क की ऊंचाई से एक से डेढ़ फीट तक उंचा कर दिया। जिससे सड़क पर जमा पानी नाला में पहुंच ही नहीं रहा है। वार्डों से पानी निकासी के लिए 16 पंप सेट लगाया है। लेकिन पंपसेट से जलजमाव से मुक्ति नहीं मिल पा रही है।

जान जोखिम में डाल रेलवे ट्रैक से पैदल जा रहे लोग
जलजमाव से स्थानीय मधेपुरा ढाला से पॉलिटेक्निक रेलवे ढाला के दोनों तरफ के इलाके में रहने वाले लोग काफी बुरी तरह से प्रभावित हैं। उन्हें घर से बाहर निकल कर कार्यालय और बाजार तक पहुंचने का एकमात्र साधन रेलवे ट्रैक ही रह गया है। ऐसे में वे जलजमाव वाले क्षेत्र से गुजरकर रेलवे ट्रैक पर पहुंचते हैं। जिसके बाद करीब सौ मीटर की दूरी तय करते हैं। जिसके लिए उन्हें रेलवे ट्रैक के बीच से ही पैदल गुजर कर सड़क तक पहुंचना पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। फिर भी लोग इसी खतरनाक रास्ते को चुन रहे हैं।

व्यवहार न्यायालय के पास ड्रेनेज में जलजमाव।
व्यवहार न्यायालय के पास ड्रेनेज में जलजमाव।

मनमाने तरीके से नगर परिषद ने बना दिया सड़क और नाला
नप ने भी शहर के सभी कुल 40 वार्डों में नाले का निर्माण मनमाने तरीके से किया। नाले की कनेक्टिविटी दूसरे नाले से नहीं। ऐसे में सड़क से निकलकर पानी नाला तक तो पहुंच रहा है। लेकिन एक नाले से दूसरे नाले तक जाने का रास्ता नहीं मिलने से पानी आसपास के इलाके में ही जमा हो जाता।

कई जगह पंपसेट लगवाया है

शहर में दर्जनों जगह पंप सेट लगवा कर जलजमाव से मुक्ति की प्रक्रिया की जा रही है।
आदित्य यादव, कार्यपालक पदाधिकारी, नप

महामारी फैलने की बढ़ी संभावना | लगातार शहर के आधे से अधिक मोहल्ले में जलजमाव से अब पानी दूषित और प्रदूषित होती जा रही है। जिससे कई तरह के महामारी फैलने की भी संभावना बढ़ गई है। सदर अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक डॉ. जमील ने बताया की कई दिनों तक बरसात का पानी जमने से पानी में कई प्रकार के बैक्टीरिया का जन्म हो जाता है। जो आसपास के लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है। मौसमी बीमारी जैसे-सर्दी, खांसी, सामान्य बुखार, मलेरिया, टाइफाइड, फायलेरिया, दस्त सहित अन्य बीमारियों के बढ़ने की संभावना बढ़ेगी।

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