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बदहाली:गोदाम के जर्जर भवन में थाने का होता संचालन

सलखुआ24 दिन पहले
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थाने का जर्जर भवन जिसका प्लास्टर गिरता रहता। - Dainik Bhaskar
थाने का जर्जर भवन जिसका प्लास्टर गिरता रहता।
  • 2008 में नया भवन बना, लेकिन वहां थाना संचालित नहीं हुआ, अब यह भवन भी हो रहा जर्जर

सलखुआ में दूसरों को सुरक्षा देने वाले पुलिसकर्मी खुद असुरक्षित हैं। सलखुआ थाना जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। जिससे पुलिस पदाधिकारी, कर्मी एवं थाना आने वाले फरियादियों को हादसे की आशंका बनी रहती है। करीब छह माह पूर्व जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने थाना निरीक्षण के क्रम में अंचलाधिकारी को थाना भवन के लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। सीओ द्वारा वर्तमान में संचालित थाना भवन के पीछे की खाली सरकारी जमीन की मापी कराई गई थी। बावजूद स्थिति जस की तस है। जिस कारण वर्तमान में प्रखंड मुख्यालय स्थित बिस्कोमान के पुराने जर्जर गोदाम में थाना चल रहा है। सलखुआ थाने की पुलिस के पास रहने के लिए भवन भी नहीं है। पुलिसकर्मियों को पुराने जमाने के बने भवन में रहना पड़ रहा है। थाना भवन की छत की परत भी टूट कर गिरती रहती है। जिससे हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है। थाना में चहारदीवारी भी नहीं है। पुलिस पदाधिकारी भी प्रखंड के पुराने जर्जर भवन में रह रहे हैं। 1999 में प्रखंड के एक पुराने जर्जर गोदाम के भवन में थाना का उद्घाटन किया गया था। तब से आज तक उसी जर्जर भवन में सलखुआ थाना चल रहा है। हलांकि वर्ष 2008 में नया थाना भवन बना, लेकिन उस भवन में आज तक थाना कार्यालय का संचालन नहीं हो पाया और अब वह भवन भी जर्जर हो चुका है। कुछ पुलिस पदाधिकारी व कर्मी उक्त भवन के कमरे का आवास के रूप में इस्तेमाल करते हैं। पुराने जमाने के बने जर्जर प्रखंड के गोदाम भवन में थाना का कार्यालय चलता है। न रहने के लिए भवन और न खाना बनाने के लिए कोई स्थान है। विभागीय उदासीनता के कारण थाना में सुविधा व संसाधनों का घोर अभाव हैं।

जमीन चिह्नित कर थाना को दिया गया है
जिलाधिकारी के निर्देश पर सलखुआ थाना भवन के लिए सरकारी जमीन की मापी कराई गई है। थाना को दिया गया है।
श्याम किशोर यादव, अंचलाधिकारी सलखुआ

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