कोरोना / बजरंगी ने कहा- सूरत में कंपनी वाले नहीं देते थे खाना, सीएम ने कंपनी का पूछा नाम और प्रवासी से बोले- यहीं रहें, रोजगार देंगे हम

Bajrangi said - In Surat, the company did not give food, CM asked the name of the company and said to the expatriate - stay here, we will give employment
Bajrangi said - In Surat, the company did not give food, CM asked the name of the company and said to the expatriate - stay here, we will give employment
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Bajrangi said - In Surat, the company did not give food, CM asked the name of the company and said to the expatriate - stay here, we will give employment
Bajrangi said - In Surat, the company did not give food, CM asked the name of the company and said to the expatriate - stay here, we will give employment

  • सूबे के मुखिया ने क्वारेंटाइन में ठहरे प्रवासियों को बंधाया ढाढ़स
  • वीसी के माध्यम से डीएम ने क्वारेंटाइन सेंटर की सुविधाओं को दिखाया
  • प्रवासी मजदूरों से वीसी के जरिए सीएम ने की बात

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 06:49 AM IST

सिकंदरा. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिकंदरा प्रखंड कार्यालय स्थित आईटी भवन क्वारेंटाइन सेंटर में रह रहे प्रवासियों से बातचीत की।  मुख्यमंत्री क्वारेंटाइन सेंटर में मौजूद डीएम धर्मेंद्र कुमार व एसपी डॉ. इनामुल हक मेंगनु से क्वारेंटाइन सेंटर की सुविधाओं की जानकारी ली।  

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डीएम ने क्वारेंटाइन सेंटर की सुविधाओं के साथ-साथ वहां रह रहे श्रमिकों के कमरों एवं रसोइयों को भी मुख्यमंत्री को दिखाया। मुख्यमंत्री बारीकी से एक-एक कर सारी सुविधाओं से अवगत हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्वारेंटाइन में रह रहे दो श्रमिकों से बातचीत कर हालचाल जाना।

जिसमें एक दिन पूर्व कोलकाता से आए नवकाडीह गांव निवासी कैलाश रविदास से मुख्यमंत्री ने अपने सवाल में पूछा कि कहां रहते थे, क्या करते थे, और किस साधन से यहां पहुंचे हैं। जवाब में कैलाश रविदास ने कहा कि बस के माध्यम से आया हूं और कोलकाता में जूता-चप्पल बनाने का काम करता था। इनके सामने सारी समस्याओं को रखा इनकी सारी समस्याओं से मुख्यमंत्री अवगत हुए। वहीं दूसरा एक दिन पूर्व सूरत से आए फतेहपुर गांव निवासी बजरंगी कुमार से बातचीत में बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा हमसे पूछा गया कि आप कहां रहते थे और क्या करते थे।

तो बजरंगी ने बताया कि सूरत में कपड़ा कंपनी में पैकिंग का कार्य करता था। वहीं हमारे कंपनी का द्वारा खाने तक भी नहीं दिया जा रहा था। लेकिन दूसरे कंपनी में सारी सुविधाएं दी जा रही थी जिस पर मुख्यमंत्री ने बजरंगी से कहा कि तुम अपने कंपनी का नाम दो हम लेटर भेजेंगे। साथ ही आप यहीं रहकर रोजगार करें, रोजगार का व्यवस्था हम करेंगे। 

वहीं मुख्यमंत्री ने क्वारेंटाइनन सेंटर में रह रहे दो श्रमिकों से बातचीत करने के दौरान उन्होंने कंपनी में हो रही समस्या एवं मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की। साथ ही श्रमिकों से बिहार में ही रोजगार करने की अपील की।

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