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परेशानी:बकरा व नूना नदी उफनाई; पड़रिया, नेमुआ व तीरा घाट पर चचरी पुल बहा, 25 हजार आबादी प्रभावित

सिकटी19 दिन पहले
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दहगामा गांव के पास नूना नदी में डूबा चचरी पुल। - Dainik Bhaskar
दहगामा गांव के पास नूना नदी में डूबा चचरी पुल।
  • सिकटी का कुर्साकांटा से सीधा संपर्क भंग, अब पीरगंज कुवाडी वाया या रामनगर कौआकोह से जा सकेंगे कुर्साकांटा
  • उफान पर नदी : लोगों के लिए अब आवागमन का साधन सिर्फ नाव, प्रशासन से मदद की गुहार

यास के कारण और नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्र में लगातार बारिश से सिकटी से होकर बहने वाली बकरा और नूना नदी के जलस्तर में वृद्धि हो गई है। तीन जगहों पर चचरी पुल बह गए। बांस का चचरी पुल बहने से अवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। अब आवागमन के लिए नाव का ही सहारा है। तीनों घाट के चचरी पुल बहने से एक दर्जन गांव के 25 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। बारिश से बकरा नदी में पानी आने से पडरिया घाट, तीरा घाट व नेमुआ पीपरा घाट पर अावागमन के लिए बने बांस का चचरी पुल पूरी तरह से बहने के कारण अवागमन बाधित हो गया है। अब लोगों को कुर्साकांटा प्रखंड जाने के लिए पीरगंज कुवाडी वाया होते या फिर रामनगर कौआकोह वाया होते जाना पड़ेगा। बता दें पडरिया घाट पर 20 करोड़ की रुपए से 2019 में पुल बना था, लेकिन 2019 की बाढ़ में बकरा नदी ने पडरिया घाट के पास अपना रास्ता बदल लिया। जिस कारण लोगों को अवागमन की जो वर्षों से समस्या थी वो आज भी है।

पुल नहीं बनने से बकरा नदी में समा सकता है पडरिया गांव

ग्रामीण सह भाजपा नेता प्रदीप झा उर्फ बबन झा, विधायक प्रतिनिधि मनोज मंडल, पूर्व उप प्रमुख उदेश्वर मंडल, विनय मिश्र, अनिल, अरविंद, संजीव आदि ने बताया कि सांसद, विधायक द्वारा कहा जाता था कि पडरिया घाट के पास बकरा नदी ने जो धारा परिवर्तन किया था वहां पर एक पुल बनाया जाएगा। बरसात दस्तक देने ही वाली है, लेकिन अब तक पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया है। यदि इस बार बरसात आने से पहले बकरा नदी को नहीं रोका गया तो बकरा नदी अपने में पडरिया गांव को समा लेगी। इस मामले को लेकर कई बार सांसद, विधायक समेत जिला प्रशासन को भी अवगत कराया गया है पर नतीजा कुछ नहीं निकला।

नूना नदी की नई धारा में पानी आने से उफान
2020 के सितंबर में नूना नदी ने ईदगाह दहागमा के पास अपना धारा परिवर्तन कर लिया था, जिस कारण अब नूना नदी सालगुडी कचना होते बहना शुरू कर दी है। नदी गहरा नहीं होने से पानी का बहाव खेतों होकर शुरू हो गया है। कचना के ग्रामीण कृष्णा सिंह, सोएब, नाजीम, सुजीत साह, रमीज आदि ने बताया कि नूना नदी ने जो धारा परिवर्तन किया है, अब तक प्रशासन द्वारा नदी को पूराने धार में नहीं मोड़ा गया है। जबकि पुरानी धार में सभी जगहों पर तटबंध है। उसका निरीक्षण डीएम प्रशांत कुमार सीएच, सिकटी विधायक बिजय मंडल समेत कई अधिकारियों के साथ किया था, लेकिन नजीता कुछ नहीं निकला। सालगुडी कचना गांव का इस बार भगवान मालिक हैं।

पडरिया घाट पर बनेगा 181 मीटर का लंबा पुल
सांसद प्रदीप सिंह, विधायक विजय मंडल ने एक समारोह में कहा था कि सिकटी प्रखंड की घाघी नदी पर पुल, घाघी नदी के ढेंगरी गांव में पुल और बकरा नदी के पडरिया घाट पर पुल जो बकरा नदी ने धारा परिवर्तन कर लिया था वहां पर पुल निर्माण की मंजूरी मिल गई है। नेताओं ने बताया कि बकरा नदी के पडरिया घाट पर जो पुल की स्वीकृति मिली है, वह 181 मीटर लंबा पुल है। इसके अलावा दो वर्ष पूर्व बरदाहा से कुर्साकांटा जाने वाली सड़क में घाघी नदी का पुल जो धंसा था, उसके भी निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। बहुत जल्द इन पुलों का शिलान्यास किया जाएगा। जबकि घाघी नदी पर पुल निर्माण शुरू है।

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