निरिक्षण:मुख्यमंत्री के हवाई सर्वे की संभावना, डीएम के निर्देश पर सीओ ने लिया जायजा

सिकटी9 दिन पहले
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आरइओ सड़क में नूना नदी पर ग्रामीणों ने बनाया बांस का चचरी पुल - Dainik Bhaskar
आरइओ सड़क में नूना नदी पर ग्रामीणों ने बनाया बांस का चचरी पुल
  • ग्रामीण कार्य विभाग ने इस सड़क के बीच से होकर बहने वाली नदी पर बनाया बांस का चचरी पुल, धारा परिवर्तन स्थल पर भी गए, कहा डीएम को सौंपनी है रिपोर्ट

पिछले चार महीने तक नूना नदी का कहर झेले पीड़ितों को आजतक प्रशासन की ओर से एक किलो चूड़ा तक नसीब नहीं हुआ है। किसी-किसी को प्लास्टिक जरूर मयस्सर हुआ, लेकिन अधिकांश पीड़ित किसी भी प्रकार के राहत से वंचित हैं। दैनिक भास्कर ने इस मामले को कई बार प्रकाशित कर जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया, लेकिन पीड़ितों के प्रति किसी की सहानुभूति नहीं जगी। अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण करने वाले हैं, जिसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के नींद टूट गई है। डीएम के निर्देश पर सिकटी के अंचल अधिकारी विजेंद्र कुमार सिंह गुरुवार को नूना नदी से प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। हालांकि इससे पहले सीओ को सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विजय कुमार मंडल, जिला परिषद अध्यक्ष के द्वारा कई बार पीड़ित परिवारों के बीच कम से कम सूखा राशन वितरण करने का निर्देश दिया गया था, नहीं हुआ। गुरुवार को सीओ ने धारा परिवर्तन स्थल की भी स्थिति देखी और कहा कि भौतिक रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दिया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हवाई सर्वे के दौरान इन इलाकों से गुजरेंगे जिसकी भौतिक स्थिति की जिलाधिकारी ने मांगी थी। सीओ विरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर प्रखंड के अभियंताओं के साथ नूना नदी के धारा परिवर्तन स्थल का भौतिक जांच कर इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।

2020 में नूना नदी किया था धारा परिवर्तन लगातार बाढ़ आने से लोग परेशान
पूर्वी इलाके से होकर बहने वाली नूना नदी ने सितंबर 2020 में दहगमा ईदगाह टोला के पास नूना नदी धारा परिवर्तन कर लिया था जो सिकटी से पलासी प्रखंड को जोडने वाली आरइओ सड़क को तोड़कर सालगुडी, कचना, कठुआ, बांस बाडी, खोरागाछ पंचायत के औलाबाडी व बगुलाडांगी गांव होकर बहना शुरू कर दिया। जिस कारण दहगामा इदगाह टोला के व पडरिया वार्ड नंबर 9 में एक दर्जन से अधिक परिवारों का घर नूना नदी के तीव्र वेग में बह गया था। एक वर्ष से अधिक का समय बीत गया, लेकिन इन विस्थापित परिवारों को अभी तक किसी भी प्रकार की कोई सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं कराया गया। विस्थापित परिवार माजो, मुस्लिम, मुजाहिद्दीन सहित आदि विस्थापित परिवारों बताया कि एक वर्ष से अंचल कार्यालय का चक्कर लगा कर थक गये, लेकिन गृह क्षति का मुआवजा नहीं मिला है।

2021 में नूना नदी में 14 बार बाढ़ से आधा दर्जन गांव तबाह
नूना नदी के धारा परिवर्तन के कारण सबसे ज्यादा क्षति सालगुडी, कचना, कठुआ का आधा भाग, बांस बाडी का आधा भाग खोरागाछ पंचायत का औलाबाडी व बगुलाडांगी पूरी तरह से तबाह हो गया है, कइ लोगों का कच्ची घर गिर गया है, तथा घर में लगातार पानी रहने के कारण घर द्वार छोड़कर अपने सगे संबंधी के चले गये हैं।

धारा परिवर्तन करने में माहिर है नूना नदी
सिकटी प्रखंड क्षेत्र से होकर बहने वाली नूना नदी अपना रास्ता बदलने में माहिर है। नूना नदी वर्ष 1999 में सैदाबाद गांव के पास अपना रास्ता बदल लिया था। नूना नदी के सैदाबाद गांव के पास रास्ता बदलने के कारण नूना नदी ने वर्ष 1999 में भारी तबाही मचाई थी, नूना नदी के रास्ता बदलने के कारण दर्जनों परिवारों को विस्थापन का दंश झेलना पड़ा था। पहले नूना नदी सोनापुर गांव के आगे बह रही थी, लेकिन वर्ष 1999 के भीषण बाढ़ में नूना नदी के रास्ता बदलने के कारण सैदाबाद सोनापुर गांव के बीच में भारत नेपाल पीलर संख्या 158 /43 नूना नदी के तेज धारा में बह गया।

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