आस्था:ब्रह्माजी की काया से उत्पन्न, लेखनी के देवता है भगवान चित्रगुप्त

सिंहेश्वरएक महीने पहले
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प्रखंड मुख्यालय स्थित रामजानकी ठाकुरबाड़ी के निकट शनिवार को भगवान चित्रगुप्त जी महाराज का पूजन श्रद्धापूर्वक किया गया। नगर समिति के अध्यक्ष कौशल किशोर वर्मा व रूपक श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि विगत 10 वर्ष से नगर के कायस्थ समाज द्वारा चित्रगुप्त पूजा की जाती रही है। उन्होंने बताया कि भगवान चित्रगुप्त लेखनी के देवता हैं। वे परमपिता ब्रह्मा जी के अंश से उत्पन्न हुए हैं और यमराज के धर्माधिकारी हैं। ब्रह्माजी की काया से उत्पन्न होने से ये कायस्थ कहलाये। उन्होंने बताया कि रविवार को प्रतिमा का विसर्जन होगा। पूजा में प्रमोद बिहारी, नागेंद्र श्रीवास्तव, मुकुल वर्मा, राजू वर्मा, नरेश श्रीवास्तव, सुरेंद्र वर्मा, शेखर सिन्हा, सोहन वर्मा, निखिल वर्मा, अमर श्रीवास्तव, मनोज वर्मा, कन्हैया श्रीवास्तव, किशोर श्रीवास्तव आिद का योगदान रहा।

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