विभागीय उदासीनता का शिकार / एनएच 333 ए के बाद असहना-झुंडों मार्ग विकल्प, वह भी जर्जर अवस्था में

सड़क पर बने गड‌्ढे को दिखाते ग्रामीण। सड़क पर बने गड‌्ढे को दिखाते ग्रामीण।
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सड़क पर बने गड‌्ढे को दिखाते ग्रामीण।सड़क पर बने गड‌्ढे को दिखाते ग्रामीण।

  • विकास के दावों की खोलता असहना-झुंडों मार्ग
  • लाइफ लाइन: खैरा व जिला मुख्यालय को जोड़ती है यह सड़क

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

सोनो. नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास के कथित दावों की पोल खोलती असहना-झुंडों सड़क पिछले कई वर्षों से बदहाल स्थिति में है। सड़क निर्माण एजेंसी व विभागीय अभियंताओं की मिलीभगत से उक्त महत्वपूर्ण सड़क, बदहाली की पीड़ा झेल रही है। सोनो प्रखंड के पश्चिमी भाग के दर्जनों गांवों को खैरा व जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली यह सड़क एक बड़ी आबादी का लाइफ लाइन है। निर्माण को ले पिछले कई वर्षों से क्षेत्रवासी प्रयासरत हैं पर यह सड़क अबतक विभागीय उदासीनता की शिकार बनी हुई है।  सड़क पर बने गड्ढे व निकल आए नुकीले पत्थर यहां आए दिन हादसों का सबब बनते रहे हैं। एनएच 333 ए पर स्थित मांगोबंदर पुल के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद बड़े व भारी वाहन खैरा व जिला मुख्यालय तक जाने के लिए इसी सड़क का उपयोग करते हैं बाबजूद सड़क जर्जर स्थिति में है। नक्सल क्षेत्र में विकास की सकारात्मक सोच रखने वाले अधिकारी, अभियंता व क्षेत्र की रहनुमाई करने वाले नेता बोलते तो बहुत कुछ हैं बावजूद इसके असहना झुंडों सड़क की न तस्वीर बदल पाई है और न ही तकदीर। 
इस मार्ग से चरकापत्थर जैसे नक्सल क्षेत्र की दस पंचायतें जुड़ी हैं। छुछुनरिया, लालीलेवाड़, रजौन, सारेबाद, महेश्वरी, थम्हन, केशोफरका, नैयाडीह, बाबूडीह, चुरहेत सहित खैरा प्रखंड की आधा दर्जन नक्सल प्रभावित पंचायतों तक पहुंचने का यह महत्वपूर्ण पथ है। इस क्षेत्र के लोगों ने कई दफे सड़क निर्माण की मांग को लेकर विधायक-सांसद व जिला प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन नतीजा कुछ नहीं।  

3 किमी का सफर तय करने में वाहन चालकों को लगता आधे घंटे का समय
चकाई |
बासुकीटॉड-कियाजोरी मुख्यमार्ग से सटे भलसुम्भा, पंजराडीह गांव सहित कई गांवों को जोड़नेवाली सड़क जर्जर से चुकी है। हल्की बारिश होने से गड्डों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इधर, सड़क निर्माण कार्य को लेकर इलाके के ग्रामीण बताते हैं की इस सड़क पर आमलोगों को सफर करना दिन प्रतिदिन बमुश्किल होता जा रहा है। बड़े-बड़े दर्जनों गड्ढों के कारण दोपहिया व चार पहिया वाहन दुर्घटना के शिकार हो जाते है। यह तीन किलोमीटर तक की सड़क पर सफर करना इतना मुश्किल है कि वाहन चालक को आधा घंटे तक का समय लग जाता है। कई बार उखड़ी सड़क के कारण वाहन भी पंचर हो जाते हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से सड़क मरम्मत करवाने की मांग की हैं।

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